नालागढ़ (सोलन)। 20.99 करोड़ की लागत से बन रही सीवरेज को सिरे चढ़ाने के लिए आईपीएच महकमे को उद्योग विभाग की मंजूरी का इंतजार है। यहां से इसकी स्वीकृति मिलते ही ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू हो जाएगा। वर्ष 2015 में शुरू हुए सीवरेज कार्य की पाइपलाइन और चेंबरों के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है लेकिन ट्रीटमेंट प्लांट के अभाव में योजना परवान नहीं चढ़ पाई है।
इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट की भूमि का पेंच आड़े आ गया था और पहले चयनित की गई भूमि सरसा नदी किनारे आने से मामला शिथिल पड़ गया था। आईपीएच महकमे ने राजस्व विभाग से दोबारा भूमि की डिमार्केशन करवाई जिसके तहत साथ की जमीन को इसमें शामिल किया गया। साथ लगती भूमि उद्योग विभाग की है। उपमंडल प्रशासन ने ट्रीटमेंट प्लांट की 20 बीघा भूमि पूरी करने के लिए उद्योग विभाग की भूमि के लिए एनओसी की मांग की है। मामला निदेशक उद्योग विभाग के पास विचाराधीन है। यहां से इसकी एनओसी मिलते ही ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। ट्रीटमेंट प्लांट न बनने से सीवरेज प्रणाली शुरू ही नहीं हो पाई है।
2045 की 36239 जनसंख्या के अनुरूप बनाई है सीवरेज
नालागढ़ शहर में सीवरेज योजना की नींव 16 अक्टूबर 2011 में रखी गई है। इसका कार्य 2015 में शुरू हुआ। यहां सीवरेज लाइन व्यवस्था होने से समूचा शहर साफ-सुथरा नजर आएगा, वहीं उखड़ी सड़कें व गलियां भी चकाचक होंगी। नालागढ़ शहर में नौ वार्ड आते हैं और सीवरेज कार्यों के तहत नालागढ़ में 45 किलोमीटर में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहीं चेंबरों का भी निर्माण कर लिया गया है। आईपीएच विभाग के अनुसार 2011 की गणना के समय नालागढ़ शहर की 10702 जनसंख्या के बावजूद अस्पताल व विभागों को मिलाकर इसमें 9736 लोग शामिल किए गए हैं और कुल 20438 लोगों के अनुरूप बनाई गई है। वर्ष 2045 के अनुरूप 36239 लोगों की जनसंख्या को ध्यान में रखकर सीवरेज योजना पर कार्य किया जा रहा है।
एक्सईएन आईपीएच आरके खाबला ने कहा कि सीवरेज की ट्रीटमेंट प्लांट के लिए दोबारा जमीन की डिमार्केशन के बाद उद्योग विभाग से भूमि की एनओसी मांगी गई है। फाइल मंजूरी के लिए निदेशालय उद्योग विभाग को भेजा गया है। एनओसी मिलते ही कार्य युद्धस्तर पर करवाया जाएगा।