एक जुलाई से हिमाचल समेत देशभर में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद केबल ऑपरेटरों ने भी मासिक किराया बढ़ा दिया है। खास बात यह है कि जून महीने का किराया जुलाई में चुकाने पर भी जीएसटी के नाम पर 10 से 15 रुपये ज्यादा की वसूली की जा रही है।
जीएसटी लागू होने से किराए पर कितना असर पड़ा है, इसकी जानकारी उपभोक्ताओं के पूछने पर भी नहीं दी जा रही। सिनेमाघर संचालक भी जीएसटी लागू होने के बावजूद अब भी लोगों से मनोरंजन कर वसूल रहे हैं।
जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में सर्विस टैक्स और मनोरंजन कर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन प्रदेश में केबल ऑपरेटर और सिनेमा संचालक अब भी मनमानी कर रहे हैं। सरकार का दावा था कि जीएसटी लागू होने पर केबल नेटवर्क पर कर कम हो जाएगा, लेकिन ऑपरेटरों ने दस रुपये बढ़ा दिए हैं।
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केबल ऑपरेटरों ने दिया ये तर्क
ऑपरेटरों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें पहले से ज्यादा कर चुकाना पड़ रहा है। इसलिए किराया बढ़ा दिया गया है। हालांकि, ऑपरेटर मासिक किराए की जो रसीद दे रहे हैं, उसमें कितना जीएसटी काट रहे, इसकी जानकारी ग्राहक को नहीं दी जा रही है।
कुछ जगह तो पहले के कंप्यूटराइज्ड बिल की बजाय अब हाथ से बिल काटकर दिए जा रहे हैं। सिनेमारघर संचालक भी मनोरंजन कर वसूल सरकार को धता बता रहे हैं। शहर के एक सिनेमारघर में बिल में मनोरंजन कर काटा जा रहा है।
आबकारी एवं कराधान के अतिरिक्त आयुक्त संजय भारद्वाज ने कहा कि बिल देते समय लगाए गए जीएसटी की जानकारी देनी जरूरी है।
साथ ही जीएसटी के अलावा अब मनोरंजन या सेवा कर नहीं लिया जा सकता। बिल सही न देने वाले किसी भी ऑपरेटर या संचालक के खिलाफ स्थानीय आबकारी एवं कराधान कार्यालय में शिकायत की जा सकती है।