प्रदेश सरकार ने अवैध भवन मालिकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने बुधवार को अवैध भवन नियमित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। लोगों को 45 दिन के भीतर अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए आवेदन करना होगा।
औपचारिकताएं पूरी होने के एक साल के भीतर शहरी निकायों और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को लोगों के भवन नियमित करने होंगे। सरकार ने हिमाचल के उन अवैध भवन मालिकों को राहत दी है, जिन्होंने पहले टीसीपी और शहरी निकायों से नक्शे पास करा दिए।
साथ ही बाद में डेबिएशन कर दी, उनको अपना भवन नियमित कराने के लिए कम से कम फीस चुकानी होगी। ऐसे भवन मालिक जिन्होंने शहरी निकायों और टीसीपी से नक्शा पास नहीं कराया है और फिर डेबिएशन भी कर दी, उन लोगों के अवैध भवन दोगुनी फीस पर नियमित होंगे।
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अवैध भवन मालिकों के सेटबैक में 30 फीसदी एरिया ओपन होना अनिवार्य किया गया है। इससे कम एरिया वाले भवन नियमित नहीं होंगे। लेंटर के छज्जे 45 सीटर मीटर से ज्यादा नहीं होने चाहिए। इससे ऊपर डेबिएशन मानी जाएगी।
पॉलिसी की आड़ में छज्जे बढ़ाने पर नियमित नहीं होंगे भवन
सरकार भवन मालिकों को 8 से ज्यादा मीटर नहीं देगी। लोगों को प्रति यूनिट के हिसाब से यह सुविधा दी जाएगी।
- फोटो : Demo pic
जो लोग अभी भवनों का निर्माण कर रहे हैं, अगर वे 45 सेंटीमीटर से ज्यादा भवन के छज्जे बढ़ाते हैं तो उनके भवन नियमित नहीं होंगे। चूंकि, यह पॉलिसी अधिसूचना जारी होने तक के बने अवैध भवनों के लिए है।
8 से ज्यादा बिजली के मीटर नहीं
सरकार भवन मालिकों को 8 से ज्यादा मीटर नहीं देगी। लोगों को प्रति यूनिट के हिसाब से यह सुविधा दी जाएगी। शहरी निकाय और टीसीपी के एनओसी के बाद ही आईपीएच और बिजली बोर्ड भवन मालिकों को यह सुविधा दे पाएगा।
अन्य बिंदु
- हर मंजिल की होगी पैमाइश
- हेरिटेज एरिया में नहीं होगी छूट
- विकास योजनाओं में हेरिटेज क्षेत्र में मिलेगी छूट
- वैली व्यू सड़के से ऊपर 1.50 मीटर तक भवन होंगे नियमित
- हिमुडा और शहरी कॉलोनियों को नियमित करने पर भी विचार
- जहां छूट नहीं उन अतिक्रमण को तोड़ा जाएगा
- जिन लोगों ने पहले पालिसी के तहत भवन नियमित कराए थे, उन्हें फायदा नहीं
- पार्किंग में दुकानें मान्य नहीं होगी
कटेगी बिजली और पानी के कनेक्शन
जिन लोगों ने सेटबैक पूरे कवर किए हैं और छज्जे भी बढ़ा दिए हैं, उन लोगों को पॉलिसी में राहत नहीं है। ऐसे में इन लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटेंगे। भवन नियमित होने के बाद टीसीपी और नगर निगम बिजली बोर्ड और आईपीएच को ऐसे भवन मालिकों की सूची सौंपेगा।
ये रहेगा फीस स्ट्रक्चर
नक्शा स्वीकृत से अधिक मंजिलें बढ़ाने के लिए 100 वर्ग मीटर तक 1500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से नियमित होगी।
- जिन लोगों ने शहरी क्षेत्रों में सेटबैक में 35 फीसदी तक डेबिएशन की है उन्हें 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बेसमेंट होगी नियमित, जबकि प्रति मंजिल 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बसूल की जाएगी।
- टीसीपी दायरे में 35 फीसदी सेटबैक डेबिएशन पर 400 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से बसूल किया जाएगा जबकि मंजिल 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से ली जाएगी।
- 35 से 70 फीसदी तक डेबिएशन तक यह फीस दोगुनी हो जाएगी।
अतिरिक्त मंजिलें बढ़ाने पर यह फीस
- नक्शा स्वीकृत से अधिक मंजिलें बढ़ाने के लिए 100 वर्ग मीटर तक 1500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से नियमित होगी। टीसीपी के दायरे में 100 वर्ग मीटर तक मंजिल नियमित कराने की 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर फीस होगी।
बिना अनुमति के भवन बनाने वालों के लिए यह होगी फीस
- नक्शे पास न कराने पर जिन लोगों ने सेटबैक में 35 फीसदी तक डेबिएशन की है उन्हें शहरी क्षेत्रों में 2400 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अपने सेटबैक नियमित कराने होंगे। टीसीपी दायरे में सेटबैक नियमित कराने का शुल्क 1200 रुपये प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से नियमित होंगे। बिना अनुमति से भवन बनाने वालों पर यह शुल्क दोगुना हो जाएगा।
अवैध भवन नियमित करवाने को एक और शर्त
जिन लोगों ने पहले नक्शे पास करा रखे हैं। उसके बाद डेबिएशन की है, उन्हें नए सिरे से निशानदेही करवाने की जरूरत नहीं होगी।
- फोटो : अमर उजाला
अवैध भवनों को नियमित करवाने के लिए सरकार ने एक और शर्त लगा दी है। जिन लोगों ने शहरी निकायों और टीसीपी से अपने भवन के नक्शे पास नहीं करवाए हैं और बिना विभाग की मंजूरी निर्माण किया है, उन्हें भवन की निशानदेही करवानी होगी। सरकार ने अध्यादेश में उन लोगों को राहत दी है, जिन्होंने पहले नक्शा पास करवाया है और उसके बाद अतिक्रमण किया है।
उन पर यह नियम लागू नहीं होगा। सरकार ने अधिसूचना जारी होने के बाद 45 दिन में लोगों से अपना भवन नियमित करवाने को कहा है। अब निशानदेही की यह शर्त अवैध भवन मालिकों पर भारी पड़ेगी। भवन की निशानदेही के लिए पहले लोगों को राजस्व विभाग में आवेदन करना होगा। उसके बाद भवन के साथ लगते अन्य भवन मालिकों को इसमें पार्टी बनाना होगा। उसके बाद कानूनगो निशानदेही की तिथि निर्धारित करेगा। इस कार्य को करने में एक महीने से भी अधिक समय लग जाएगा। चूंकि, हिमाचल में कानूनगो के काफी पद रिक्त हैं। एक कानूनगो के पास 5 से 6 सर्कल का काम है।
विभागों के साथ प्लाट मालिकों के लिए एनओसी जरूरी
प्रदेश में जिन भवन मालिकों के सड़क के साथ या घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार, भवन के साथ सीवरेज लाइन, पानी की स्कीमें चल रही हैं, उन्हें संबंधित विभाग से एनओसी लेना होगा। अगर विभाग को लगे कि भवन नियमित या नया भवन बनाने से दिक्कत हो सकती है तो ऐसे में वह एनओसी देने में भी आपत्ति जता सकते हैं।
बिना निशानदेही से अवैध भवन नियमित नहीं हो सकेंगे। जिन लोगों ने पहले नक्शे पास करा रखे हैं। उसके बाद डेबिएशन की है, उन्हें नए सिरे से निशानदेही करवाने की जरूरत नहीं होगी। बिना नक्शा पास करवाए निर्माण करने वालों को निशानदेही करवानी होगी।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री