लांग रूट की एक बस ने शहरों में कम से कम 3 से 4 चक्कर लगाए। एचआरटीसी के सीजीएम और डीएम ने फील्ड में उतरकर व्यवस्था को संभाला। सीजीएम एचके गुप्ता ने बताया कि वर्कशॉप के मेकेनिक और अन्य कर्मचारियों ने हड़ताल से निपटने को एकजुटता दिखाई है।
मंगलवार को जनता परेशान न हो, निगम व्यवस्था करने में लगा है। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से निपटने के लिए एचआरटीसी के कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई।
एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी निजी ऑपरेटरों की मनमानी नहीं चलने देंगे। अन्य राज्यों की अपेक्षा हिमाचल में किराया ज्यादा है।