लखनऊ। सीएचसी-पीएचसी में डेंगू जांच की सुविधा न होने से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल रहा है। जानकारों का कहना है कि जांच की महज 18 हजार रुपये की मशीन है, लेकिन सीएमओ कार्यालय के अधिकारी जांच सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं। वहीं सही जांच रिपोर्ट न मिलने से डॉक्टर सामान्य बुखार मानकर ही इलाज कर रहे हैं।
राजधानी से सटे ग्रामीण इलाकों में डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। अब तक माल, मलिहाबाद, सरोजनी नगर पांच-छह बुखार के ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें मरीजों की मौत हो चुकी है। मरीजों में सभी लक्षण डेंगू से मिलते थे। सीएचसी-पीएचसी में जांच न होने की वजह से डॉक्टर सिर्फ बुखार समझकर इलाज करते हैं। हालत बिगड़ने पर मरीजों को शहर के अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
हालांकि यहां भी इनकी तत्काल जांच नहीं की जाती और मरीजों को एक दिन का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान डेंगू से पीड़ित मरीजों की मौत हो जाती। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि जिले में डेंगू के मरीज नहीं है। उनका कहना है कि सरकारी चिकित्सालयों के साथ ही पीजीआई व केजीएमयू में जांच की सुविधा है। ग्रामीणों इलाकों में मरीज मिलने पर जांच की व्यवस्था की जाएगी।