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ईओ के हाथ में छात्र संघ चुनाव की ‘चाबी’

Agra Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
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आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर छात्र संघ चुनाव की चाबी अब चुनाव अधिकारी (ईओ) के पास है। चुनाव कराने या न कराने पर अंतिम फैसला वही लेंगे। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के बिना चुनाव कराने से लेकर नामांकन निरस्त करने तक का अधिकार भी चुनाव अधिकारी को ही है।
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सोमवार को जेपी सभागार में नामांकन निरस्त करने के मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी विवि प्रशासन फैसले पर कायम है। वहीं, एनएसयूआई और एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की शिकायत की गई है। शिकायत प्रकोष्ठ इसकी जांच कराई जा रही है। मंगलवार दोपहर दो बजे फैसला होने की उम्मीद है। वहीं, नामांकन को लेकर दिनभर चले हंगामा और प्रदर्शन के बाद शाम को सत्ता की हनक में सपा कार्यकर्ता शिक्षकों से भिड़ गये। इसके बाद एक प्रोफेसर और पुलिस अधिकारी के बीच नोंकझोंक हुई। जेपी सभागार के बाहर सपा कार्यकर्ताओं के सामने एनएसयूआई, एबीवीपी कार्यकर्ता आ गए। पुलिस हस्तक्षेप कर मामला शांत किया। शिक्षकों के साथ हुई अभद्रता के बाद आक्रोश है।


नामांकन पत्र दिखाकर, फैसले पर अडिग
17 नामांकन निरस्त करने पर पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सोमवार को सभी प्रत्याशियों को बुलाया गया। प्रत्याशियों के नामांकन पत्र को पुन: चेक किया गया। इस दौरान सपा छात्र सभा के समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी के नामांकन पत्र की फोटोकॉपी पर हस्ताक्षर होने और नामांकन पत्र में बिना हस्ताक्षर के एफीडेविट होने पर हंगामा हुआ। आखिरकार विवि चुनाव समिति ने निरस्त किए 17 नामांकन पर फैसला वापस लेने इनकार कर दिया। इससे पूर्व सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और विवि चुनाव समिति के साथ कई दौर की वार्ता की। उन्होंने आरओ द्वारा एफीडेविट पर हस्ताक्षर न कराने का आरोप लगाया। साथ ही नामांकन निरस्त न करने की बात कही।
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चुनाव समिति के पदाधिकारियों को खरी खरी
शाम पांच बजे जेपी सभागार के गेट पर सपा मीडिया प्रभारी अवनींद्र यादव के नेतृत्व छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने चुनाव समिति के पदाधिकारियों को घेर लिया। पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों की वार्ता कराई। शिक्षकों के साथ सपा कार्यकर्ताओं की नोंकझोंक हुई। चुनाव समिति के पदाधिकारियों को सपा कार्यकर्ताओं ने खरी खोटी सुनाईं तो एबीवीपी और एनएसयूआई के पदाधिकारी शिक्षकों के समर्थन में आ गए।

तो कोई नहीं होगा अध्यक्ष पद का प्रत्याशी
नामांकन निरस्त होने के बाद एबीवीपी के नवीन कुमार, एनएसयूआई के अंकित राजपूत और निर्दलीय रमन प्रकाश ही अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रह गए हैं। एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने रमन प्रकाश का नाम वापस करा लिया। वहीं, सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मदन मोहन शर्मा और शहर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा ने एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज होने और एबीवीपी के नवीन कुमार के खिलाफ थाना हरीपर्वत, नाई की मंडी और एत्मादपुर में मुकदमा दर्ज होने की शिकायत की है। शिकायत सही होने पर कार्रवाई हुई तो छात्र संघ चुनावों में अध्यक्ष पद का कोई उम्मीदवार ही नहीं बचेगा।

ये कहती है आचार संहिता
नामांकन से लेकर निर्वाचन निरस्त करने का अधिकार चुनाव अधिकारी को है ऐसे किसी भी मामले में शिकायत प्रकोष्ठ में उम्मीदवार शिकायत दर्ज कर सकते हैं कुछ पदों के प्रत्याशियों के बिना भी चुनाव कराया जा सकता है। चुनाव कराने को लेकर अंतिम फैसला चुनाव अधिकारी का है



निरस्त किए नामांकन पत्रों पर फैसला नहीं बदला है। एबीवीपी और एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के खिलाफ मुकदमे की शिकायत की जांच कराई जा रही है। इस पर मंगलवार को फैसला लिया जाएगा।
प्रोफेसर राजेंद्र शर्मा, चुनाव अधिकारी

एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी दी गई है। वहीं एबीवीपी के प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की शिकायत की जांच कराई जा रही है।
प्रोफेसर सुगम आनंद, शिकायत प्रकोष्ठ
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