फतेहाबाद। पिन्नापुरा में गुरुवार सुबह पैमाइश करने पहुंची राजस्व टीम पर हमला होते ही उसके पसीने छूट गए। अधिकारी तो अधिकारी, लेखपाल और पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। आनन-फानन में उन्होंने छिपकर जान बचाई। इधर, अब तहसीलदार इसका ठीकरा थाना पुलिस के सिर मढ़ रहे हैं। उच्चाधिकारियों को सौंपी रिपोर्ट में उन्होंने थाने से पर्याप्त पुलिस फोर्स नहीं मिलने का आरोप जड़ा है।
फतेहाबाद के गांव पिन्नापुरा निवासी निहाल सिंह और जसराम की शिकायत पर कब्जा दिलाने तहसीलदार बिजेंद्र कुमार के नेतृत्व में गई टीम गाटा संख्या 62 पर पैमाइश कर ही रही थी कि लोगों ने जंगल की तरफ से फायरिंग कर डाली। यह देख टीम के होश उड़ गए। वे छिपने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूत्रों की मानें तो घटना के दौरान राजस्व टीम बाल-बाल बची। फायरिंग होते ही एक सिपाही वहां से भाग निकला। तहसीलदार का कहना है कि थाने से पुलिस फोर्स के नाम पर महज दो सिपाही दिए गए। इसके चलते तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने मेें वे अक्षम रहे। उल्टा फायरिंग होते ही एक सिपाही मौके से भाग निकला।
इनसेट बाक्स....
सख्ती से नहीं होती कार्रवाई
फतेहाबाद। पिन्नापुरा की घटना कोई पहली नहीं है। इससे पूर्व भी बेखौफ लोग राजस्व टीम पर हमला कर चुके हैं। खंदौली मार्ग पर एसडीएम और लेखपाल पर बालू माफिया ने हमला किया था। इस दौरान लेखपाल बाल बाल बच गया था। एत्मादपुर में भी लेखपाल की टीम पर हमला किया जा चुका है। फतेहाबाद में बालू खनन कर ट्रैक्टर से जा रहे माफिया का पीछा करने पर पुलिस जीप पर हमला कर दिया था। बाह के चंबल क्षेत्र में भी वन विभाग के दरोगा पर माफिया हमला कर चुके हैं। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।