आगरा। राज्य सरकार की परीक्षा में पास गाइड राज्य सीमा में स्थित एएसआई के संरक्षित स्मारकों में गाइडिंग का कार्य कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नॉर्दन रीजन गाइड एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया। एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में केस हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
बताते चलें कि वर्ष 2009 में राज्य सरकार के पर्यटन विभाग को भी गाइड की परीक्षा कराने का अधिकार दिया था। वर्ष 2011 में इसके लिए गाइड लाइन भी जारी की गई थी। इसके चलते उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा परीक्षा कराई गई। इसमें करीब 900 गाइड चयनित हुए। इनके काम करने पर नॉर्दन रीजन गाइड ने राज्य सरकार द्वारा गाइड बनाने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पांच दिसंबर, 2012 को अपने फैसले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकार को सही माना और याचिका खारिज कर दी। इसके बाद नॉर्दन रीजन एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। शुक्रवार को न्यायाधीश जीएस सिंघवी और सुधांशु ज्योति मुखोपध्याय की पीठ ने याचिका को तथ्यों से परे बताते हुए खारिज कर दिया। यूपी स्टेट टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी सिंह ने फैसले का स्वागत किया है।