आगरा। विधानसभा में मसाला कारोबारी की हत्या की गूंज ने जिला पुलिस में खलबली मचा दी। खुद को घिरता देख पुलिस ने आनन फानन में पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासे का दावा कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कर्ज चुकाने के लिए वारदात को अंजाम दिया। इस बीच पुलिस के दावे में बदमाशों के बयान ने पेच फंसा दिया। एसएसपी के सामने उन्होंने जो बयान दिया, वह घटना से बिल्कुल भी मेल नहीं खा रहा।
मसाला कारोबारी प्रकाश चंद अपने भतीजे आशीष के साथ 23 फरवरी को रात नौ बजे करीब एक्टिवा से बल्केश्वर स्थित घर लौट रहे थे। वाटरवर्क्स पर वैगनआर कार सवार बदमाशों ने प्रकाश और उनके भतीजे पर चार गोली फायर कीं। तीन गोली चाचा-भतीजे पर और एक गोली राहगीर पर चलाई थी। घटना में प्रकाश की मौत हो गई। एक दिन पहले विधानसभा में यह मामला उठा तो अगले ही दिन पुलिस ने पांच बदमाशों को दबोच हत्या कांड के खुलासे का दावा किया। एसएसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाशों में दो भाई रवीश और सनी, शेखर उर्फ सिकंदर, अशोक, आदेश निवासीगण मनोहरपुरा, न्यूआगरा हैं। इनके पास से दस हजार रुपये, दो बाइक, एक नौ एमएम की देसी पिस्टल, दो 315 बोर के तमंचे बरामद किए गए हैं। एसएसपी के सामने सिकंदर ने बयान दिया कि उसने तीन गोली हवा में चलाईं, जबकि एक सीधे मारी। उसने वारदात के लिए कार के इस्तेमाल से इनकार किया। बदमाश वारदात का समय दस से 11 बजे रात बता रहे थे। जबकि वारदात नौ बजे के आसपस की थी। पुलिस के मुताबिक लूट की योजना अशोक ने बनाई थी, लेकिन अशोक यह नहीं बता सका कि उसने प्रकाश को ही क्यों चुना। उसने बताया कि 60 हजार का कर्ज चुकाने के लिए उसने वारदात की। उसने बताया कि किनारी बाजार में प्रकाश को रुपयों से भरा बैग स्कूटर में रखते देखा था। सवाल यह है कि उस वक्त वारदात क्यों नहीं की।
सबूत का सच
आगरा। एसएसपी पकड़े गए अपराधियों के बीच मोबाइल पर वार्ता को सबूत बता रहे हैं। अपराधियों ने इससे भी इनकार कर दिया। पुलिस का दावा था कि मुखबिर ने अखबार पढ़ने के बाद अगले दिन अशोक से वार्ता की थी। उधर, अशोक ने ऐसी किसी वार्ता से ही इनकार कर दिया। जब लूट की योजना में मुखबिर शामिल था तो उसे क्यों नहीं सामने लाया गया।
नहीं है आपराधिक रिकार्ड
आगरा। पुलिस रिकार्ड के अनुसार सिकंदर के अलावा खुलासे तक पुलिस को किसी के भी आपराधिक रिकार्ड की जानकारी नहीं थी। चारों लोग प्लंबर का कार्य करते हैं। बुधवार देर रात पुलिस चारों के आपराधिक रिकार्ड तलाशने में लगी थी।