आगरा। जगदीशपुरा क्षेत्र की अवधपुरी से लगी लीलाबाग कालोनी में रविवार दोपहर जलभराव के कारण चार मकान धराशाई हो गए। जबकि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं। हादसे से गुस्साए लोगों ने बिचपुरी-बोदला रोड पर जाम लगाकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची थाना जगदीशपुरा पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाया।
अवधपुरी कालोनी से लगी लीलाबाग कालोनी में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। जहां कालोनी बसी है, वहां वर्षों पहले ईंट भट्टे हुआ करते थे। आसपास गहरे गड्ढे हैं। पिछले कुछ दिनों से बिचपुरी नाले और आसपास की कालोनियों की पानी भी इन्हीं गड्ढों में जमा हो रहा है। इससे तालाब बन गया है। पिछले दिनों हुई बारिश से स्थिति और विकट हो गई। जलभराव के कारण आसपास बने मकानों की नींव में पानी भर रहा है। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे खेमचंद प्रजापति, यादराम, प्रताप सिंह, जयपाल के मकानों का आधा हिस्सा भरभराकर गिरा पड़ा। घर में रखा सामान भी बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।
घटना से गुस्साए लोगों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बोदला बिचपुरी रोड पर जाम लगा दिया। वे पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर चौकी प्रभारी बोदला अरविंद सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने किसी तरह लोगों समझाबुझाकर जाम खुलवाया।
पानी में समा गया बेटी का दहेज का सामान
खेमचंद का कहना है कि उसने यहां वर्ष 1992 में जमीन खरीदी थी। तिनका-तिनका जोड़कर मकान बनाया था। गड्ढा यहां पहले से था, लेकिन इतना पानी नहीं भरता था। खेमचंद ने बताया कि उसकी बेटी की शादी होने वाली है। कमरे में शादी का सामान रखा था। सब बर्बाद हो गया।
घटना रात में होती तो क्या होता...
कालोनी के लोगों का कहना है कि गनीमत है कि घटना दिन में हुई। परिवारों के कुछ सदस्य काम पर गए थे और बच्चे बाहर खेल रहे थे। यदि कहीं रात में मकान गिरते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शिव विहार कालोनी में भी खतरा
यही नहीं, पास में स्थित शिव विहार कालोनी के मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे ही एक गड्ढे का पानी मकानों की दीवार तक पहुंच गया है। चार दिन पहले एक खंभा गिर गया था और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है।
लोगों ने की पलायन की तैयारी
खतरे के अंदेशे से पहले ही लोगों ने कीमती सामान घर के बाहरी कमरों में समेट लिया था, लेकिन रविवार की घटना से दहशत और बढ़ गई। लोग अब पलायन करने की तैयारी करने लगे हैं। उनका कहना है कि अभी तो पूरी बारिश पड़ी है। गड्ढे में लगातार पानी बढ़ेगा। मकानों में दरारें आ चुकी हैं। ऐसे में अपनों की जान को खतरे में डाल नहीं सकते।