आगरा। कभी बदमाश तो कभी दबंग। आखिर ये हो क्या रहा है? आगरा पुलिस के साथ हमले की बढ़ती वारदातों से सवाल खड़े हो गए हैं। कभी पुलिस पर खनन माफिया हमला करते हैं तो कभी दबंग दो-दो हाथ करने से नहीं चूक रहे हैं। क्या पुलिस का अब भय नहीं? पुलिस ही पिटती लुटती रहेगी तो आम जनता का कौन खैर रखेगा।
वारदात-दर-वारदात
25 सितंबर : सेंट जोंस चौराहे पर एचसीपी धर्मपाल सिंह दबंगों का निशाना बने। चेकिंग के दौरान कागजात नहीं होने पर बाइक सीज करने पर दबंगों ने उन पर हमला बोला। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर तीन दबंगों को जेल भेजा गया।
28 सितंबर : सूरसदन तिराहे पर कांस्टेबल को बोलेरो सवार खिड़की से लटकाकर दीवानी तक घसीट ले गए। एसएसपी के सामने पेश होने पर सुनवाई हुई और रिपोर्ट दर्ज की गई।
23 सितंबर : एत्माद्दौला के फाउंड्री नगर में खनन माफिया ने वसूली को लेकर चार पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। लेकिन पुलिसकर्मियों ने थाने में शिकायत नहीं की।
10 सितंबर : मलपुरा के गांव लाढ़म में पांच हजार के इनामी अपराधी सूरजा को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधी के परिवारीजनों ने हमला बोलकर दौड़ा लिया।
30 मई : मथुरा के गांव हाथिया में दबिश देने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोला। फायरिंग में एक सिपाही की मौत। एक सिपाही घायल हुआ था।
07 मार्च : सदर बाजार में वाहन चेकिंग में बाइक सीज करने पर गुस्साए दबंग युवक ने थाने में दरोगा और सिपाही के साथ मारपीट की। बाद में दबंग को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया।
20 जनवरी : मलपुरा के गांव टपरा में कथित पुलिस की पिटाई से ग्रामीण की मौत के बाद पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने पीटा। जमकर बवाल हुआ।