पुनि पुनि सीय गोद करि लेहीं, देई असीस सिखावनु देहीं ।
होएहु संतत पियहि पिआरी, चिरु अहिबात असीस हमारी॥
आगरा। दृश्य अलौकिक है, बारात के विदा होने का समय आ गया है। रानियाें की आंखों से आंसू बह रहे हैं। वे बार-बार सीता जी को हृदय से लगा लेती हैं और आशीर्वाद देती हैं। सहेलियां कह रही हैं कि हे सखी हम तो अभी तक मंगल गीत गा रहे थे, हमें तो याद ही नहीं था कि तुम्हारी विदाई का वक्त आ गया है। मिथिलानगरी वासियों की पलकें भींगी हैं। सिया को देख राजा जनक और सुनयना के धैर्य का बांध भी टूट गया। आंखों से अश्रुधारा बह रही है। रिमझिम बारिश से मानो आसमान भी अपनी व्याकुलता का संदेश दे रहा है। कुछ देर पहले जहां उल्लास था अब वह महल मुरझा सा गया है। माता जानकी यहां से विदा हुईं।
गुरुवार को जनकपुरी से रघुवर माता सीता को विदा करा ले गए। इससे पहले तकरीबन रात 9 बजे भगवान प्रभु राम तीनों भाइयों, पिता दशरथ उमेश कंसल और कौशल्या शशि के साथ जनक मंच पर मिथिलानगरी वासियों को दर्शन देने पहुंचे। जनकपुरी वासियों ने आरती कर भगवान का आशीर्वाद लिया। राज्यमंत्री देवेंद्र गुप्ता, आरएसएस के प्रांत प्रचारक दिनेश, प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, बाल श्रम एवं पुनर्वास समिति की अध्यक्ष अंजुला सिंह माहौर, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जगन प्रसाद गर्ग, महामंत्री भगवान अग्रवाल ने प्रभु राम के स्वरूपों की आरती उतारी। विदाई से पहले जनकपुरी महोत्सव समिति के अध्यक्ष नवीन जैन ने रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारियों और कमलानगर वासियों का आभार जताया। अंत में राजा जनक सुबोध चंद्र गर्ग और सुनयना आशा गर्ग ने सिया-राम की आरती कर बारात को विदा किया। इस दौरान जनकपुरी महोत्सव समिति के महामंत्री राजेश गोयल, उपाध्यक्ष नितिन कोहली, राकेश अग्रवाल, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, संतोष मित्तल, मनीष कुलश्रेष्ठ डीडी सिंघल, सचिन सारस्वत, कुंदनिका शर्मा, शशि गोयल, राशि गोयल, मंजू मंगल और रामलीला कमेटी के राहुल गौतम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।