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लोगों ने जाना कर्म, कुंडली और संस्कार

Agra Updated Tue, 04 Feb 2014 02:16 PM IST
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आगरा। भारत विकास परिषद ‘विक्रमादित्य’ के तत्वावधान में ज्योतिष विषय पर विशेष कार्यक्रम ‘कुंडली की खोज, पुन: संस्कार’ का आयोजन बुधवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में किया गया। यहां पर ज्योतिषाचार्य भूपेंद्र शास्त्री ने कार्यक्रम में आए लोगों को कर्म, कुंडली और संस्कार के बीच भेद बताते हुए ज्योतिष के बारे में जानकारी दी।
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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद भूपेंद्र शास्त्री ने मंत्रपाठ किया, फिर भाग्य, कर्म और कुंडली की जानकारी लोगों को दी। कुंडली जागरण एवं उसकी शक्ति के बारे में लोगों को बताया। शास्त्री ने कहा कि भगवान से जुड़ाव भाग्य है। भगवान की अलग परिभाषा देते हुए कहा कि भाग्य से भगवान का निर्माण होता है। भाग्य के चिंतन, प्रेरणा आदि से जो कार्य शरीर द्वारा संपादित किए जाते हैं वे कर्म हैं और इन दोनो के संयोग को कुंडली कहते हैं।
कार्यक्रम के दौरान गायत्री डेवलपवेल के हरिओम दीक्षित, हमीरपुर के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, एडीएम सिटी बीपी खरे, रामानंद यादव, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक जैन, पवन बंसल आदि उपस्थित रहे।
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