आगरा। गर्मी के मौसम में डायरिया का कहर तेजी से बढ़ा है। हालत ये है कि एसएन मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में आने वाले हर तीसरे बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत है।
एसएन के बाल रोग विभाग की ओपीडी में जहां बीते सप्ताह तक 80-100 बच्चे पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या 120 के पार पहुंच गई है। ज्यादातर बच्चों में उल्टी, दस्त बंद न होने और बुखार की शिकायत पाई गई। इनमें 4-6 बच्चों को भर्ती करने की नौबत रहती है। यही नहीं इनमें 65 फीसदी बच्चे छह से ढाई साल तक के थे।
खानपान में रखें सतर्कता
- जांच में यह बात सामने आई की खानपान में लापरवाही बीमारी का सबसे बड़ा कारण है। विभागाध्यक्ष डा. राजेश्वर दयाल ने बताया कि छह माह से अधिक उम्र के बच्चे की मां को खानपान के मामले में विशेष सतर्क रहना होगा। इस उम्र में वह मां के दूध के साथ आहार भी लेना शुरू कर देता है, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है।
बड़े भी बरतें सावधानी
- धकेलों पर कटे फल और पेय पदार्थ लोगों को बीमार बना रहे हैं। एसएन के मेडिसिन विभाग में रोज 350 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकांश मरीजों ने बीमार होने से पहले थैली का पानी, धकेलों पर पेय पदार्थ और कटे फल खाने बात कही।
इनका रखना होगा ध्यान:
- पानी उबालें फिर ठंडा कर बच्चों को पिलाएं
- कुछ भी खिलाने से पूर्व हाथों को साफ करें
- रखा हुआ आहार, कटे-फटे फल से परहेज करें
- धूप से बचाने वाला चश्मा पहनें, टोपी लगाएं
- आंखों को साफ पानी से धोएं, आंखाें को रगड़ें नहीं
- शरीर को कपड़े से ढकें, अधिक देर तक धूप में न रहें