आगरा। कोल्ड स्टोर अधिवेशन में सांसद चौ. बाबूलाल ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि 10 साल पहले उनके खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री रहते हुए मुलायम सरकार आगरा की जगह इटावा में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहती थी। आगरा नहीं तो कहीं नहीं, के झगड़े से यूनिट अब तक नहीं लग पाई। इटावा में कोई उद्योगपति नहीं जाना चाहता था। बच्चों का अपहरण कौन कराता?
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान के सामने सांसद बाबूलाल ने मांग उठाई कि उद्यान विभाग के अधिकारी कमीशन के चक्कर में कोल्ड स्टोरेज खुलवा रहे हैं। कोल्ड स्टोर से सब्सिडी बंद कर फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर मिलनी चाहिए। सींगना में उद्यान विभाग की जमीन पर आलू निर्यात केंद्र, पोटेटो बोर्ड और सीपीआरआई खुलने चाहिए। किसानों के लिए उन्होंने कहा कि पाला पड़ने पर आलू फसल का बीमा हो और कोल्ड स्टोर में 50 किलो की दर तय की जाएं।
वोदका फैक्ट्री कन्नौज के चक्कर में फंसी
पूर्व राज्यमंत्री के खुलासे ने आलू से वोदका बनाने के किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान सरकार के प्रस्ताव को फिर से तूल दे दिया है। प्रदेश की सपा सरकार इस फैक्ट्री को कन्नौज लगाने के लिए दबाव डाल रही थी, जबकि आगरा के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की बाधा बताई गई। अधिकारियों ने कन्नौज न सही, फीरोजाबाद में फैक्ट्री लगाने के लिए कंपनी से कहा, लेकिन कंपनी आगरा में खंदौली क्षेत्र पर यमुना एक्सप्रेस वे के पास लगाने पर जोर दे रहे हैं।