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प्रशासन की उदासीनता के चलते महंगाई का हौव्वा ही बिगाड़ रहा बजट

Agra Updated Wed, 25 Jun 2014 05:30 AM IST
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आगरा। महंगाई डायन ने घर-घर की रसोई में आग लगा रखी है। किसी के घर का चूल्हा जले या न जले। मुनाफाखोरों द्वारा तैयार महंगाई का हौव्वा ही बजट बिगाड़ रहा है। यकीन मानिए... राजू के घर के पास जो आलू-टमाटर महंगाई के सिंहासन पर विराजमान है, वही सब्जी मंडी में फिंके पड़े हैं। जनता अच्छे दिनों की आस में है और जमाखोर महंगाई बम फोड़ने की फिराक में हैं। खाद्यान्न से लेकर सब्जी और फलों के भाव सड़क पर आ सकते हैं। लेकिन तब, जब जमाखोर व मुनाफाखोरों पर कार्रवाई का चाबुक चले। बता दें कि नियमत: थोक मंडी में एक फड़िया 15 से 20 कुंतल तक व थोक व्यवसायी 15 टन तक स्टॉक कर सकता है।
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कमीशन का सिस्टम
यदि कोई सामग्री 10 रुपये किलो बाहर से आती है तो उसमें 5 प्रतिशत कमीशन थोक व्यापारी लेता है। यानि उसकी कीमत 10.50 रुपये हो जाती है। इसके बाद 2.5 प्रतिशत मंडी टैक्स व 2 से 3 प्रतिशत तक ढुलाई भाड़ा आदि का खर्च आता है। यानी किसी वस्तु की कीमत में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जाती है।

रिटेलरों ने किया फलों को फीका
फल थोक भाव फुटकर में दाम
आम 15-20 30-40
अनार 30-70 120-160
केला 15-20 30-40
पपीता 10 30-40
मौसमी 30 50-60
(दाम रुपये प्रति किलो में )

ऐसे बेस्वाद हुई सब्जी
सब्जी थोक भाव फुटकर दाम
आलू 15-18 20-25
प्याज 11-14 25-30
टमाटर 10 25-30
लौकी 3 15-20
कद्दू 4 15-20
भिंडी 8-10 25-30
शिमला 20 50-60
खीरा 6-8 25-30

उड़ गया दालों का रंग
दाल थोक फुटकर
मूंग 70 110
उड़द 60 120
मसूर 38 75
काबुली चना 50 85
राजमा 75 120

नासिक मंडी का नहीं है प्याज पर असर
आगरा में महाराष्ट्र, राजस्थान, इंदौर और नासिक से प्याज आता है। नासिक की प्याज 14 रुपये किलो व राजस्थान की प्याज 7 से 8 रुपये किलो पड़ती है। यह प्याज कच्ची होती है इसे ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सक ता। नासिक की प्याज को स्टोर किया जा सकता है। अभी तक यह कहा जा रहा था कि नासिक मंडी पर हड़ताल के चलते प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन जानकारों का कहना है कि नासिक मंडी का यहां पर ज्यादा असर नहीं है। दरअसल यहां अधिकांश आपूर्ति राजस्थान से होती है।
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वर्जन :::::::::::::
घर बैठे सामान खरीदने की आदत ने ही ठेलवालों, खोमचे और छोटे दुकानदारों को मनमानी का मौका दिया है। परिवार के लिए सब्जी खरीदने को यदि मंडी तक जाने की आदत डाली ली जाए तो महंगाई खुद ही दूर भागेगी।
- आनंद कुमार, थोक व्यापारी

आलू और प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी की अफवाह उड़ाई जा रही है। बाजार में इनकी कोई कमी नहीं है। अफवाह के चलते गैर व्यापारी लोग इसमें इन्वेस्ट कर स्टॉक करते हैं और बाजार में इनके दाम बढ़ने लगते हैं।
सतेंदर सैंथिया, अध्यक्ष फल एवं सब्जी मंडी कमीशन एजेंट

रिटेलर और फुटकर विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली मुनाफाखोरी को रोकने का कोई कानून नहीं है न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया है। सप्लाई आर्डर के तहत जमाखोरी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
- रमाशंकर, एडीएम सिविल सप्लाई
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