अलीगढ़। महानगर की बिल्डिंगों को किराए पर अनुबंध करने की डील में सरकार को कई करोड़ का चूना स्टांप चोरी कर लगा दिया है। यह खुलासा मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों को किराए पर देने के अनुबंध को तलब करने पर हुआ है। अधिकांश अनुबंध सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्टर्ड नहीं कराए गए हैं। ऐसे किराएदार और बिल्डिंगों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा महानगर की मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों में किराएदारों का सर्वे भी कराया जा रहा है।
रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड, रेलवे रोड, आगरा रोड, जीटी रोड, अमीर निशा सहित दो दर्जन प्रमुख स्थानों पर बनी मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों को बैंक, बड़ी कंपनियों के कॉर्पोरेट ऑफिस और सरकारी दफ्तरों के लिए किराए पर दिया गया है। इनके लिए हुए अनुबंधों को मात्र 100 रुपये के स्टांप पर कराकर नोटरी करा लिया गया है। जिसे सहायक आयुक्त (स्टांप एवं पंजीयन) ने गैर क ानूनी घोषित कर दिया है।
सहायक आयुक्त (स्टांप एवं पंजीयन) एके गर्ग ने बताया कि महानगर में जिन कंपनियों ने पांच साल के लिए बिल्डिंग किराए पर लेक र अनुबंध किया है। उन्हें तीन साल के किराए का चार फीसदी स्टांप एवं पंजीकरण शुल्क अदा करना होगा। उसी के साथ उनका सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण माना जाएगा। इसमें दो साल के स्टांप एवं पंजीयन शुल्क की छूट का प्रावधान है। सरकार के इस आदेश के विपरीत यहां की अधिकांश रेंट डील मात्र 100 रुपये में कर दी गईं हैं। जो कि गंभीर है, ऐसे करीब दो दर्जन मामले चिह्नांकित कर लिए हैं और उनको नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
‘महानगर के मॉल सहित दो दर्जन मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों की रेंट डील के प्रपत्र और तलब किए हैं, जिनमें स्टांप चोरी की पुष्टि हुई है।’ - वीके सिंह, एडीएम फाइनेंस