अलीगढ़। इस विडंबना ही कहेंगे कि जो नन्हे हाथ पेेंसिल और किताबों के जरिए अपने भाग्य की रेखाएं खींचने में सक्षम हों उनके हाथों में ऑटो का हैंडल आ जाए। ऐसा इन दिनों अपने शहर में आसानी से देखने को मिल जाता है। विभिन्न रूटों पर चल रहे ऑटो की कमान नन्हें हाथों ने ही थाम रखी है। ऐसा करके वह न केवल ऑटो में सवार यात्रियों के खतरा बने हुए हैं, बल्कि राहगीरों की भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह नन्हे चालक कई बार पुलिस चौकियों, थानों और पुलिस अधिकारियों के ऑफिसों के सामने से होकर गुजरते हैं लेकिन किसी को भी इस खतरनाक स्थिति की ओर ध्यान देना गवारा नहीं है। सोनू (काल्पनिक नाम) के पैर बस किसी तरह ब्रेक तक पहुंचते हैं। ऑटो चलाते समय उसे सीट पर थोड़ा सा आगे खिसकना होता जिससे सही तरीके से ब्रेक लगाने में आसानी हो सके। सोनू ने बताया कि वह पहले टेंपो पर हेल्पर था। कुछ दिन हेल्परी करने के बाद हैंडल वाला ऑटो आया तो उस पर हाथ पर आजमाया। कुछ ही दिनों में उसे चलाना भी सीख गया।