इलाहाबाद। ट्रेनों की लेटलतीफी और नागरिक सुविधाओं के अभाव पर शुक्रवार को रेलवे के अधिकारियों ने न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की न्यायपीठ के समक्ष उपस्थित होकर अपनी सफाई दी। कोर्ट ने अधिकारियों को नसीहत दी कि आउटर पर खड़ी गाड़ियों की लोकेशन प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों को दी जाएं। इस बात के लिए भी आगाह किया कि ट्रेनों का प्लेटफार्म अचानक बदलकर यात्रियों को मुसीबत में न डाला जाए। अचानक प्लेटफार्म बदलने से यात्रियों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। प्लेटफार्मों पर नागरिक सुविधाएं बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। रेलवे स्टेशन पर व्याप्त तमाम अव्यवस्थाओं पर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि बीमार मरीजों की इलाज की सुविधा के लिए डॉक्टर का प्रबंध होना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर इलाज मिल सके। टिकटों की कालाबाजारी पर भी अधिकारियों की खिंचाई की गई। पूरे मामले पर निगरानी रखने के लिए कोर्ट ने जनहित याचिका कायम करते हुए इसे क्षेत्राधिकार वाली खंडपीठ को संदर्भित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने हाल ही में रेलवे स्टेशन जाने पर हुए अनुभव के मद्देनजर इलाहाबाद के मंडल रेल प्रबंधक तथा आईजी जीआरपी और आईजी आरपीएफ को तलब किया था। इन अधिकारियों ने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा।