कैलसा में बिजली विभाग के एक ठेकेदार और लाइनमैन में जमकर मारपीट हुई, जिससे गुस्साए लाइनमैन ने बिजलीघर की सप्लाई पूरी रात ठप रखी। 18 घंटे से आपूर्ति नहीं मिलने पर बिलबिलाए किसान शुक्रवार को जब बिजलीघर पर पहुंचे तब उनको घटना की जानकारी हुई।
इस पर उन्होंने जमकर हंगामा काटा। सूचना मिलते ही अवर अभियंता मौके पर आ गए। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। सप्लाई बहाल होते ही किसान घरों को लौट गए। इसके बाद जेई ने ठेकेदार और लाइनमैन के बीच समझौता कराकर मसले को रफादफा कर दिया।
गुरुवार देर शाम ठेकेदार प्रवीन और लाइनमैन में किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते मामला गाली गलौज और फिर मारपीट तक पहुंच गया। बेल्टें चलीं। अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को बचाया। इसके बाद भड़के लाइनमैन ने कोठी खिदमतपुर बिजलीघर बंद कर दिया। सप्लाई के बाद भी रात में किसी फीडर को चालू नहीं किया।
शुक्रवार की सुबह बिजली न मिलने से आसपास के गांवों के किसान बेचैन हो गए। एकत्र होकर बिजलीघर पहुंच गए। पूरा माजरा जानने के बाद गुस्साए किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। अफसरों को स्टाफ की करतूत के बारे में बताया।
मामले की नजाकत को भांपते हुए अवर अभियंता राजवीर सिंह कटारिया थोड़ी देर बाद ही बिजलीघर पर पहुंच गए। यहां किसानों से बातचीत की। पूरा मसला समझने के बाद उन्होंने किसानों को सप्लाई दिलाने का भरोसा दिया। कर्मियों से आपूर्ति बहाल कराई। तत्पश्चात किसान वहां से चले गए। बाद में जेई ने ठेकेदार व घस्टाफ से घटना की बाबत पूछताछ की। दोनों पक्ष को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की हिदायत दी।
ठेकेदार व लाइनमैन में कहासुनी व खींचतान हो गई थी। दोनों पक्ष से वार्ता के बाद मसले को निपटा दिया है। अब किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।
आरएस कटारिया, अवर अभियंता कोठी बिजलीघर