फोटो-1- महिला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पायल जादौन। संवाद
औरैया। आधुनिक जीवनशैली में फास्टफूड का बढ़ता चलन महिलाओं, विशेषकर युवा लड़कियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।
पिज्जा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने की आदत महिलाओं में माहवारी (मासिक धर्म) के चक्र को प्रभावित कर रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना अनियमित पीरियड, अत्यधिक दर्द और हार्मोनल असंतुलन के मामले बहुतायत में पहुंच रहे हैं।
महिला रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 10 से ज्यादा मामले इस तरह के पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की काउंसलिंग में डॉक्टर बिगड़े खानपान की समस्या पकड़ रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों को खानपान सुधारने की सलाह दी जा रही है। महिला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पायल जादौन ने बताया कि ओपीडी में आने वाली हर 10 में से चार युवतियां पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और अनियमित माहवारी की समस्या से पीड़ित हैं।
उन्होंने बताया कि फास्टफूड में मौजूद उच्च कैलोरी और सैचुरेटेड फैट हार्मोंस का संतुलन बिगाड़ देते हैं। इसके कारण वजन तेजी से बढ़ता है। अक्सर यह अंडा बनने की प्रक्रिया को बाधित करता है। समय रहते खान-पान में सुधार न किया जाए, तो आगे चलकर यह समस्या बांझपन का कारण भी बन सकती है।
उन्होंने सलाह दी कि स्वास्थ्य में सुधार के लिए पैकेज्ड और जंक फूड से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। इसके स्थान पर हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और पर्याप्त मात्रा में पानी को अपनी डाइट में शामिल करें। दिनचर्या में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम या योग जरूर अपनाएं।
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