बागपत। दूर दराज एवं छोटे-छोटे गांवों के लोग भी अब बैंकों में अपना पैसा आसानी से जमा कर सकेंगे। दो हजार से कम आबादी के गांवों के गरीब लोगों के लिए बैंक उनके घर तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। जनपद के ऐसे 120 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में अलग-अलग बैंकों को जिम्मेदारी दी गई है।
पहले मानक यह था कि 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों में बैंक सुविधा पहुंचाई जाएगी। जिसके तहत जनपद के 142 गांवों का चयन किया गया और उनमें अलग-अलग बैंकों ने अपना बिजनेस प्रतिनिधि रख दिया। जिससे ग्रामीणों को मुख्य ब्रांच तक जाने से बचने लगे। लेकिन अब दो हजार से कम आबादी वाले गांवों में भी बैंक पकड़ बनाने की तैयारी कर रही है। ऐसे लोग जो गरीब, मजदूर हैं और मात्र पचास, सौ रुपये ही जमा कर सकते हैं, ऐसे लोग बैंक तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे, बैंक तक आने-जाने में ही उसके पैसे खर्च हो जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए बैंक गांव में ही पैसे जमा करने की सुविधा देगा। जनपद में दो हजार से 1600 की आबादी के बीच के 28 गांवों का चयन किया गया है, जबकि 1600 से कम आबादी वाले 92 गांव चयनित किए गए हैं। कुल 120 गांवों को बैंकिंग सुविधा के लिए चयनित किया गया है।
यह रहेगी व्यवस्था
अलग-अलग बैंकों के बिजनेस प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी को दी जा रही है। प्राइवेट कंपनी अपनी व्यवस्था गांवों में करेगी। बैंक द्वारा अधिकृत कर्मचारी गांवों के लोगों का पैसा एकत्रित कर मुख्य शाखा में जमा कराएगा। बैंक की तरह रसीद जारी होगी।
दस हजार से कम ही पैसे होंगे जमा
बैंक के इन केंद्रों पर गरीब मजदूर एवं अन्य ऐसे लोग रोजाना की बजत करके अथवा साप्ताहिक बचत करके पैसे जमा कराएगा। यह धनराशि 50 रुपये से लेकर 10 हजार से कम कितनी भी हो सकती है। इससे अधिक की धनराशि लोगों को बैंक की ही ब्रांच में जमा करानी होगी। इन गांवों में खाता शून्य बैलेंस पर ही खोला जाएगा।
आउटसोर्सिंग से कार्य कराया जाए
लीड बैंक मैनेजर कविराज पणिग्रही ने बताया कि बैंक यह कार्य आउटसोर्सिंग से कराएंगी। प्रत्येक बैंक सप्ताह में दो बार अपने अधिकारी को भेजकर जांच कराएगी और अधिकारी अपने लैपटॉप में पूरा डाटा सेव करके लाएंगे। छोटे गांव तक बैंक पहुंचने से गरीब तबके के लोगों में भी बचत की प्रवृत्ति बढ़ेगी।