बागपत। शहर के जैन मौहल्ला में 10 दिसंबर 2010 को की गई सुनीता जैन की हत्या के मामले में शुक्रवार को उसके पति नीरज जैन को दोष सिद्ध पाया गया। एडीजे प्रथम राजेन्द्र बाबू शर्मा की अदालत में आज शनिवार को हत्यारे पति को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में सजा सुनाई जाएगी।
इस घटना की एफआईआर सुनीता जैन के पिता खतौली (मुजफ्फरनगर ) निवासी श्याम लाल जैन ने दर्ज कराई थी। इसमें नीरज जैन, उसके पिता शांति मित्तल और मयंक नामजद कराए गए थे।
इनके अलावा नीरज जैन की एक प्रेमिका भी बताई गई थी, जिसका नाम पता मालूम नहीं था। 14 मार्च 2011 को इसकी चार्ज शीट दाखिल की गई। इसमें सिर्फ नीरज जैन को आरोपी बनाया गया था। सुनीता और नीरज जैन में पहले से विवाद चल रहा था। दहेज का एक मुकदमा भी कोर्ट में चल रहा था। आरोप था कि इसी चक्कर में उसकी हत्या की गई।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजय शंकर शर्मा ने बताया कि नीरज को गैर इरादतन हत्या का दोष सिद्ध पाया गया है। एडीजे प्रथम राजेन्द्र बाबू शर्मा की अदालत में आज शनिवार को उसे सजा सुनाई जाएगी। नीरज जमानत पर चल रहा था। उसे हिरासत में लिए जाने का आदेश दिया गया है। उसके बारे में कोतवाली पुलिस से उसका अपराधिक रिकार्ड भी मांगा गया है।