बागपत, 11 नवंबर। हरियाणा-यूपी सीमा विवाद के निस्तारण में हो रही देरी पर शासन ने डीएम को तलब किया है। शासन से पूछा गया है कि अब तक सीमा विवाद निस्तारण में क्या-क्या कार्रवाई हो चुकी है और कितना समय लगेगा।
हरियाणा की सीमा पर जनपद के 27 गांवों में सीमा विवाद है। इन गांवों में यमुना के पानी के बहाव के चलते भूमि की सीमा को लेकर विवाद है। जिसपर हरियाणा के किसान अपना और यूपी के किसान अपना कब्जा जता रहे हैं और आए दिन खून-खराबा हो रहा है।
सीमा विवाद के निस्तारण के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की तमाम बैठकें हो चुकीं हैं, कई बार किसानों में खूनी संघर्ष हो चुका है, एक दूसरे राज्य के किसानों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन इसके निस्तारण का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। अभी तक पैमाइश ही पूरी नहीं हो पा रही है।
शासन ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी को लखनऊ तलब किया है। डीएम से पूछा गया है कि सीमा विवाद में अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी है, कहां तक पैमाइश हो गई है और क्या अड़चनें आ रही हैं। अभी कितना और समय लगेगा।
जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया है कि यूपी-हरियाणा सीमा विवाद पर राजस्व रिकार्ड का आदान-प्रदान चल रहा है। उन्होंने तो हरियाणा के अधिकारियों को रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया है लेकिन अभी उधर से कोई जवाब नहीं आया है। कुछ बजट भी आना है जिससे पिलर लगाए जा सकें। उन्होंने बताया कि लखनऊ में इसकी प्रगति की जानकारी के लिए बुलाया गया है।