बागपत। तीन साल से हाईवे न बनने को लेकर लगातार शोर मचता आ रहा है, लेकिन चुनाव आते ही हाईवे की कोई बात नहीं कर रहा। इतने बड़े प्रोजेक्ट के लटकने पर भी किसी ने इसे चुनावी मुद्दा तक नहीं बनाया। कोई यह भी नहीं कह रहा कि हाईवे अब तक क्यों नहीं बन पाया? इस हाईवे पर रोजाना ही दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। बड़े-बड़े वाहन पलट रहे हैं, बुधवार को भी सिसाना के समीप एक ट्रक पलट गया। लेकिन किसी भी पार्टी के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है।
ब्रह्मदेव त्यागी कहते हैं कि तीन साल से लोग हंगामा कर रहे हैं कि फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया जाए, लेकिन बागपत की इस गंभीर समस्या की ओर किसी भी राजनैतिक दल ने ध्यान नहीं दिया जबकि यह यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है।
ग्राम काठा के सुर्ती पहलवान कहते हैं कि लोगों का दर्द तो कोई देख नहीं रहा। यहां सड़क पर कदम रखते ही ठोकर खानी पड़ रही है लेकिन नेता तो जातियों के नाम पर वोट इकट्ठा कर रहे हैं। अरे कोई इस हाईवे की बात भी तो करे।
रघुवीर सिंह कहते हैं बागपत के लिए सिर्फ हाईवे ही एकमात्र ऐसा मुद्दा है जो हर व्यक्ति से जुड़ा है, नेताओं को इस मुद्दे को उठाना चाहिए, लेकिन अब तक किसी ने इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनाया।
आढ़ती कैलाश गुप्ता कहते हैं कि अब तो बिरादरियों के वोटों की गिनती हो रही है। ऐसा नहीं होता तो हाईवे और दूसरी सड़कों के मुद्दे राजनैतिक मंचों पर सुनाई देते।