एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

टीकरी-निरपुड़ा पर भी टूट रहा विकलांगता का कहर

Baghpat Updated Wed, 19 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

दोघट। नदी किनारे के गांवों में कैंसर और विकलांगता का कहर लगातार टूट रहा है। इनमें दोघट क्षेत्र का ही निरपुड़ा गांव भी शामिल है। गांगनौली की तरह ही यहां भी लोगों के हाथ-पैर में अचानक से दर्द शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे दोनों अंगों में विकृति आ जाती है। गांव के लोगों का मानना है कि यह बीमारी भी नदी के जहरीले जल की देन है। इस क्षेत्र में भूगर्भ जल प्रदूषित हो गया है।
और पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव के लोग पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे का जल दूषित हो जाने के चलते हैंडपंप का पानी भी बीमारी दे रहा है। गांव के प्रधान कृष्णपाल राणा का कहना है कि दोनों बीमारी कई सालों से हैं। पहले लोग इन्हें हल्के में ले रहे थे। लेकिन अब तो स्थिति भयावह हो गई है। उनका कहना है कि सबसे पहले पानी की जांच होनी चाहिए। कई बार कहने के बावजूद जल निगम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। विकलांगता का शिकार हुए लोगों में सुखवीरी (60), हरबीरी (70), गुड़िया (20), दयाराम (70) और सोनू (24) शामिल हैं। उधर, टीकरी में भी यही स्थिति है। यहां सचिन (20), मुकेश (44), संदीप (21), पालो (60), पवन (18) के अंगों में विकृति आ गई है। सभासद अजय कुमार का कहना है कि प्रशासन को इसे गंभीरता से लेकर पेयजल की जांच करानी चाहिए।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें