इब्राहिमपट्टी। हम से क्या भूल हुई, जो ये सजा हमको मिली...। एक फिल्म का यह गीत इस समय भीमपुरा क्षेत्र के विद्युत आपूर्ति पर सटीक बैठता है। जिला मुख्यालय से 70 किमी. दूर स्थित उपकेंद्र रजईपुर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के गांव इस समय बिजली के लिए तरस रहे हैं, जबकि कुछ ही दूरी पर बगल में मऊ जिले के गांवों में जगमगाती बिजली इन गांवों को मुंह चिढ़ा रही है।
मऊ जिले के सेमरी जमालपुर में स्व. कल्पनाथ राय के द्वारा स्थापित 132 केबीए सब स्टेशन से बलिया जिले के रजईपुर गांव स्थित उपकेंद्र को विद्युत आपूर्ति होती है। लेकिन हालात यह है कि सीमा से सटे मऊ जनपद के गांवों को 16 से 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति की जा रही है। लेकिन इस उपकेंद्र को मात्र पांच से छह घंटा ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इसका भी कोई शेड्यूल नहीं है। इस विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से करीब एक माह से उद्योग-धंधे और दुकानदारों के साथ ही आम उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ गई है। यहां तक रजईपुर उपकेंद्र विद्युत संकट से उबरने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तरी ग्रिड में सुधार बाद भी आपूर्ति व्यवस्था शेड्यूल के मुताबिक नहीं हो सकी है। आलम यह कि पूरे दिन बिजली गायब रहती है, सिर्फ रात में कुछ घंटों के लिए बिजली आती है, लेकिन कब चली जाएगी कोई भरोसा नहीं। सूखे की मार झेल रहा किसान विद्युत आपूर्ति न होने से दोहरा मार झेलने को विवश है। बिजली आपूर्ति के अभाव में पेयजलापूर्ति, संचार व्यवस्था के साथ ही कुटीर उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। विद्युत संकट से लोगों में आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। क्षेत्र के आनंद सिंह, जसवंत सिंह, मुन्ना सिंह, मोहन गुप्ता, फेकू जायसवाल, अशोक पासवान आदि का ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि यदि शीघ्र इस समस्या से निजात नहीं मिली तो हम ग्रामीण मऊ जिले के सेमरी स्थित 132 केबीए के विद्युत उपकेंद्र में ताला जड़ने को बाध्य होंगे।