दुबहर। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के तत्वावधान में शुक्रवार को बेलहरी (ठाकुरबाड़ी) में आयोजित किसान संगोष्ठी में इलाके के किसानों को कई टिप्स दिए गए। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने अपने शोध व कृषि में किए गए खोज के जरिए खेती करने के गुर बताए। एक तरफ जहां जीरो बजट से खेती करने का उपाय बताया, वहीं अन्न के रूप में जाने-अनजाने खाए जाने वाले जहर के प्रति सर्तक किया। कार्यक्रम की शुरुआत बतौर मुख्य अतिथि सीनियर साइंटिस्ट यूबी पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इसमें मुख्य अतिथि ने कहा कि किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए सरकार को कई कार्यक्रम चलाने होंगे तथा उनके ऊपज के सही रख-रखाव के लिए आधुनिक भंडारगृह बनाने की आवश्यकता है। महाराष्ट्र के नागपुर से संगोष्ठी में पहुंचे सुनंदा संतोष सालाडकर व श्री विश्वनाथन ने कहा कि खेती को जीरो बजट से शुरू किया जा सकता है। डाई, पोटाश सहित अन्य खाद व छीड़काव द्वारा जमीन की उर्वरा शक्ति को खत्म करने के साथ ही भूमि को जहरीली बना दी जा रही है। रजनीश मिश्रा ने कहा कि कृषि के लिए हमें वो तरीके अपनाने हैं जिससे लागत कम आए। कृषि वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार का ध्यान किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए निरंतर जारी है। इस मौके पर कमलेश, अनिल, विजय शंकर तिवारी आदि ने संबोधित किया। आयोजक बिहारा सोसाइटी बगहीं बेलहरी के प्रबंधक विनोद तिवारी ने अतिथियों को अंगवस्त्रम् देकर माल्यार्पण किया। इस मौके पर कृषि उपनिदेशक डा. रजनीश मिश्र, राणा चंद्रशेखर सिंह, शमशेर बहादुर सिंह, छितेश्वर, नर्वदेश्वर, सरेंद्र नाथ, अरुण, सोनू गुप्ता, वकील ठाकुर, राजन सिंह, गुड्डू गिरि, निर्मला देवी, श्यामला, प्रभावती, विद्यावती देवी, कांती देवी, प्रतिमा देवी आदि मौजूद रही। अध्यक्षता डा. यूपी पांडेय एवं संचालन भिखारी गिरि ने किया।