बलिया। जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गईं जानकारियों को समय से उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयुक्त ने जिले के 27 मामलों में संबंधित जनसूचना अधिकारियों पर छह लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। प्रत्येक मामलों में 25-25 हजार रुपये वसूली का फरमान जारी किया है। यहां दौरे पर आए राज्य सूचना आयुक्त ज्ञानप्रकाश मौर्य ने पत्रकारों से कहा कि समय से सूचना न देने के कारण यह अर्थदंड 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगाया गया है। यह वसूली जिलाधिकारी के माध्यम से होगी।
कहा कि आम लोगों को सूचना उपलब्ध कराने के लिए सूचना अधिकार अधिनियम 2005 लागू तो कर दिया गया है लेकिन विभागीय अफसरों और कर्मचारियों की उदासीनता से नियत समय पर सूचनाएं नहीं मिल पातीं। ऐसे में आम आदमी को प्रथम अपील के बाद राज्य सूचना आयुक्त के दरबार तक गुहार लगानी पड़ रही है। शिक्षा विभाग के डीआईओएस कार्यालय के 11, विकास विभाग के खंड विकास अधिकारी कार्यालय के नौ, जिला कार्यक्रम विभाग का एक, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय का एक, बीएसए कार्यालय का एक, सीडीओ कार्यालय का एक, विद्युत वितरण खंड द्वितीय के एक मामले हैं। मामलों के विभागों से जुड़े जनसूचना अधिकारियों के खिलाफ छह लाख 75 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। सूचना उपलब्ध कराने के मामले में सर्वाधिक लापरवाह शिक्षा विभाग है। आयुक्त ने यह भी बताया कि जिले के विभिन्न विभागों में कुल 254 मामले लंबित हैं। राज्य सूचना आयोग लखनऊ में इस जनपद के कुल 885 मामले लंबित हैं।