बांदा। बिजली, पानी के लिए आम नागरिक किस कदर त्रस्त है इसकी बानगी के लिए यह काफी है कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं को भी अफसरों को ज्ञापन देना पड़ रहे हैं। मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से यह दुखड़ा रोना बेमतलब साबित हो रहा है।
शिद्दत की गर्मी के मौसम में बांदा शहर में बिजली पानी का संकट है। ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह चरमराई है। दिन भर लोग जाम से जूझ रहे हैं। आम आदमी और विपक्षी दल तथा स्वयंसेवी संगठन रोजाना इन मुद्दों पर विरोध जता रहे हैं। लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा। बुधवार को सपा भी खुलकर सामने आ गई। जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी सहित अन्य नेताओं ने मंडलायुक्त को अघोषित रात्रिकालीन बिजली कटौती और पेयजल संकट से आगाह कराया। सामूहिक हस्ताक्षरों से दिए ज्ञापन में बिजली व पानी की आपूर्ति दुरुस्त कराने और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की। पीली कोठी, क्योटरा रेलवे क्रासिंग, ईदगाह चौराहा, कालू कुआं चौराहा, बाकरगंज चौराहा और क्योटरा चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस पूरे समय तैनात करने को कहा। शहर की सड़कें दुरुस्त करने की मांग की। ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। ज्ञापन देने वालों में भूपत सिंह, दिनेश, बृजभूषण सिंह, प्रदीप यादव, नंदकिशोर यादव, सत्यनारायण सोनकर, मोहन साहू, मनोज साहू, रणवीर सिंह नन्ना, इश्त्यिाक अली मुन्ना, लालेंद्र धुरिया आदि शामिल रहे।