बांदा। पडुई गांव में कर्ज तले दबे किसान की आत्महत्या पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से मृतक किसानों के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने तथा बुंदेलखंड के सभी किसानों के कर्ज माफ करने की मांग की। वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में बांदा, महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट जनपदों में कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं। मूलचंद्र, कमलेश कुमार, चंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि यदि सपा सरकार नहीं चेती तो किसान लोकसभा चुनाव में इसका पूरा हिसाब-किताब देंगे। उधर बुंदेलखंड राज्य निर्माण संघर्ष समिति की बैठक में अध्यक्ष अतुल यादव ने भी दुख जताते हुए आश्रितों का पांच लाख रुपये मदद की मांग की है। आरोप लगाया कि सरकारों की उपेक्षा के नतीजे में बुंदेलखंड में किसान आत्महत्याएं तेजी से बढ़ी है। लैपटॉप वितरण फिजूलखर्ची है। इसे रोक कर किसानों के कर्जे माफ किए जा सकते हैं। उपाध्यक्ष रामलाल यादव ने कहा कि कर्जे माफ न किए गए तो आंदोलन होगा। बैठक में मृतक किसान को श्रद्धांजलि दी गई। दुर्गा प्रसाद यादव, बृजभूषण यादव, शिवमोहन यादव, रावेंद्र यादव, मनीष सिंह, शिवप्रसाद यादव, जयकरन सिंह आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो