बांदा। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के पचनेही गांव में तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मॉडल स्कूल में नए शिक्षा सत्र से कक्षाएं नहीं शुरू हो पाएंगी। शासन ने विद्यालय के लिए प्रधानाचार्य समेत 7 पद सृजित कर दिए हैं लेकिन कार्यदायी संस्था पौने तीन करोड़ रुपये लेकर भी भवन का 60 फीसदी निर्माण नहीं कर पाई है। शासन की छह माह पूर्व दी गई चेतावनी भी बेअसर रही।
केंद्रीय विद्यालय पैटर्न पर संचालित होने वाले इस मॉडल विद्यालय का निर्माण बड़ोखर ब्लाक के पचनेही गांव में तीन करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्यदाई संस्था कंट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज कर रही है। निर्माण कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है। माध्यमिक शिक्षा अभियान से संस्था को करीब 1 करोड़ 55 लाख का भुगतान किया जा चुका है।
जल्द ही यहां एक प्रधानाचार्य, पांच प्रवक्ता, सात एलटी टीचर, एक लिपिक तथा चार परिचारकों की तैनाती हो जाएगी। पिछली जुलाई में ही भवन का हैंडओवर हो जाना चाहिए था लेकिन अभी तक दूसरे तल का ही काम चल रहा है। लेटलतीफी पर शासन ने जून में जिला विद्यालय निरीक्षक और कार्यदायी संस्था प्रबंधक को 6 माह का समय देते हुए चेतावनी दी थी। छह माह बीत गए। संस्था ने लागत का करीब पूरा पैसा भी ले लिया है पर अभी 60 फीसदी ही भवन का काम हो पाया है। इससे नए शिक्षा सत्र में कक्षाएं चलने की उम्मीद न के बराबर ही है।
नए शिक्षासत्र से चलेंगी कक्षाएं : डीआईओएस
बांदा। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक शशिकला सिंह ने बताया कि कार्यदाई संस्था को सत्र से पहले माडल स्कूल भवन का निर्माण पूरा करने को कहा गया है। शासन से धनराशि मिलने में विलंब की वजह से निर्माण कार्य पिछड़ गया है। उम्मीद है नए सत्र से पहले भवन हैंडओवर हो जाएगा।