बांदा। मायावती सरकार में बनाए गए स्मारकों का लगातार विरोध और पैसे का दुरुपयोग बताकर जांच करा रही सपा सरकार इन्हें ही लखनऊ के दर्शनीय स्थल बता रही है। बसपा राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मुद्दे पर सपा सरकार की जमकर खिंचाई की।
बुधवार को यहां आए श्री सिद्दीकी ने मीडिया को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित ‘उत्तर प्रदेश-2013’ पुस्तक दिखाई। इसमें पृष्ठ संख्या-57 पर लखनऊ नगर के डॉ.भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, मान्यवर श्री कांशीरामजी स्मारक स्थल, बौद्ध विहार शांति उपवन, मान्यवर श्री कांशीरामजी ग्रीन (ईको) गार्डेन और राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डेन को ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थल बताया गया है। तारीफों के पुल बांधते हुए कहा है कि यह सभी स्मारक वास्तु कला की दृष्टि से अनोखे हैं। कांशीराम जी स्मारक स्थल का विशाल गुंबद अपने आप में इंजीनियरिंग का एक उल्लेखनीय कृति है। इसके अलावा बौद्ध विहार शांति उपवन भी आस्था और पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थल हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि सत्ता में आते ही सपा सरकार ने इन स्मारकों को पैसे का दुरुपयोग बताकर लगातार दुष्प्रचार किया। जांच भी कराईं। दूसरी तरफ उन्हीं स्मारकों के कसीदे पढ़कर पर्यटकों को लुभाने की कोशिशें की जा रही हैं। सपा का यह दोहरा चरित्र है। बताया कि इस पुस्तक का विमोचन खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनवरी में किया था। कहा कि डॉ.राममनोहर लोहिया इन दिनों होते तो अपने को उनका अनुयायी बताने वाले सपाइयों की हरकत देखकर शर्मसार हो जाते। कहा कि पार्टी मुखिया ने कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री को 100 में 100 नंबर दिए थे। अब उन्हीं की सरकार में धोखेबाजों का कब्जा बता रहे हैं। इस सरकार में न कोई नीति है न विचारधारा।
किसानों को मुआवजा न मिला तो सदन होंगे ठप
बांदा। ओलावृष्टि और बारिश से बुंदेलखंड में भारी तबाही पर सिद्दीकी ने कहा कि किसानों को उचित मुआवजा जल्द नहीं मिला तो बसपा खामोश नहीं बैठेगी। आने वाले सत्र विधान सभा और विधान परिषद की कार्रवाई नहीं चलने दी जाएगी। कहा कि किसानों की पूरी भरपाई की जाए। करतल में सीआरपीएफ जवान की हत्या के मामले में अफसरोें के लिखित आश्वासन के बावजूद दो माह बाद भी मृतक आश्रितों को मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक मदद न दिए जाने की निंदा की।