एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

फिर ललचाकर निकल गए छाए काले बादल

Banda Updated Thu, 17 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बांदा। बुधवार को शाम कई बार काले बादलों ने आसमान डेरा डाला, लेकिन ललचा कर निकल गए। जुलाई का आधा पखवारा बीत जाने के बावजूद बारिश न होने से उमस व गर्मी ने जनजीवन बेहाल कर रखा है।
और पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन

मौसम विभाग ने 13 जुलाई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया था लेकिन तिथियां बीत गईं यहां बूंद भर पानी नहीं गिरा। किसान अब सूखे की आशंका से परेशान है। सूखे से धरती में दरारें पड़ रही हैं। कुछ किसानों ने बारिश की उम्मीद में खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए जुताई भी कर ली है। तमाम किसानों ने बारिश की उम्मीद में धान की बेहन भी डाल दी है। जुलाई का दूसरा पखवारा भी सूखा निकला जा रहा है। हालांकि बुधवार को सुबह आसमान पर बीच-बीच बदली हुई। दोपहर बाद शाम को काले मेघों ने डेरा डाला तो लोगों में बारिश की उम्मीद जगी। ठंडी हवाओं के झोकों ने उमस भरी गर्मी से कुछ राहत पहुंचाई। लेकिन ये बादल चंद घंटों बाद हवा-हवाई हो गए। बुजुर्ग किसान रामलखन, मलखान सिंह, रामबाबू यादव आदि का कहना है कि वर्ष 1980 में विकराल सूखा पड़ा था। बारिश की बूंद नहीं टपकी और किसान दाने-दाने को मोहताज हो गए। वैसे ही हालात इस साल भी बन रहे हैं। जल्द बारिश नहीं हुई तो रबी की फसल में तबाही झेल किसान किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। उधर, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 (सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा) और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 6.5 डिग्री ज्यादा) पर रहा।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें