बांदा। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी का दर्द महसूस करते हुए गांवों में शौचालय न होने से महिलाओं की तकलीफों का जिक्र किया था। किं तु बुंदेलखंड का हाल इससे भी बुरा है। यहां तो सरकारी दफ्तरों में भी महिलाओं के लिए टॉयलेट के सुरक्षित और सुलभ इंतजाम नहीं हैं। डीएम कार्यालय (कलेक्ट्रेट) से लेकर विकास योजनाओं के संचालन केंद्र विकास भवन तक में कार्यरत महिला कर्मचारियों को शौचालय न होने से शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में एक गंदा व जीर्ण-शीर्ण शौचालय है। वह जाने लायक नहीं है। बगल में बने नए शौचालय में साल भर से ताला बंद है। कलेक्ट्रेट के पुरुष कर्मचारी इधर-उधर लुक-छिप कर लघुशंका से निपट लेेते हैं। किंतु महिलाकर्मियों के लिए यह बड़ा दूभर है। पुलिस कार्यालय में भी महिलाओं के लिए अलग शौचालय नहीं है। बीएसए दफ्तर में महिला टीचरों का आना-जाना हर रोज लगा ही रहता है। यहां एक अदद जीर्ण-शीर्ण शौचालय सिर्फ पुरुषों के लिए है। महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। आरटीओ दफ्तर में भी कमोबेश यही स्थिति है। लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के लिए महिलाओं का आना जाना लगता रहता है। लाइसेंस बनवाने को बारी के इंतजार में उन्हें कभी कभार घंटों समय बिताना पड़ता है। टायलेट न होने से अक्सर उन्हें काफी दुश्वारी और शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।
नगर कोतवाली में भी एक पुरुष शौचालय है। यहां महिला होमगार्ड के अलावा महिला फरियादी भी आती हैं। कोतवाल व दारोगा के इंतजार में घंटों बैठी रहती हैं। टायलेट जाना हुआ तो आसपास कहीं जगह भी नहीं है। बाहर चौराहे पर पुरुष टायलेट है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी महिलाओं के टायलेट के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
कई बीमारियों की वजह
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा.विनीत सचान बताते हैं कि आठ घंटे से अधिक लघुशंका रोकना महिलाओं के लिए कई बीमारियों को जन्म देता है। इससे न केवल यूरीनल संक्रमण बल्कि मानसिक तौर पर भी परेशानी होती है। ज्यादा देर तक लघुशंका रोकने पर पेट में दर्द भी होता है। गुर्दे की गंभीर बीमारियां भी इससे हो सकती हैं।
महिला टायलेट से संबंधित अभी तक कोई शिकायत नहीं हैं। मामला संज्ञान में आया है तो शीघ्र ही कलेक्ट्रेट में महिलाओं के लिए अलग से टायलेट की व्यवस्था कराई जाएगी। ‘अमर उजाला’ ने अच्छा मुद्दा उठाया है। जल्द ही समस्या का निराकरण किया जाएगा।
डीएस पांडेय, अपर जिलाधिकारी