बांदा। कंपना द्वारा बनाकर नागरिकों को भेजे गए करीब एक लाख आधार कार्ड गुम हो गए। कंपनी ने इसके लिए डाक विभाग को जिम्मेदार बताया। उधर, डाक विभाग का कहना है कि जो भी आधार कार्ड उसे सौंपे गए हैं, उनका वितरण किया जा चुका है। हालांकि नाम, पता सही न दर्ज होने पर प्रधान डाकघर में हजारों आधार कार्ड धूल फांक रहे हैं। कंपनी द्वारा बंगलुरु से साधारण डाक से भेजे कार्डों का डाक विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है।
जिले में पिछले वर्ष से चल रही आधार कार्ड जारी करने की योजना फ्लाप साबित हो रही है। शासन ने पहले लखनऊ की बेदाबाग कंपनी को जनपद में आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। शहरी और ग्रामीण इलाकों में कंपनी ने करीब एक लाख 80 हजार आधार कार्ड जारी किए। साल भर पूर्व जारी हुए आधार कार्ड अभी तक लोगों के घर नहीं पहुंचे। हेड पोस्ट आफिस और क्षेत्रीय डाकखाने में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पा रही है। कंपनी का दावा है कि अभी तक दो लाख से ज्यादा कार्ड जारी किए गए हैं लेकिन करीब एक लाख से ज्यादा कार्ड कहां गुम हो गए, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जसपुरा और पैलानी क्षेत्र में एकाध कैंप लगाने के बाद कंपनी और कर्मचारी गायब हैं। आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग भटक रहे हैं।
जितने आए बांट दिए गए : डाक अधीक्षक
‘बंगलुरू से साधारण डाक से आधार कार्ड आ रहे हैं। अभी तक कितने आए और कितने कार्डों का वितरण हुआ है? इसका उनके यहां कोई लेखा-जोखा नहीं है। जितने आते जा रहे हैं, उन्हें घर-घर बांटा जा रहा है।’
आरएस पाल, डाक अधीक्षक।
घर-घर पहुंचाना डाक विभाग का काम
बेदाबाग कंपनी जिला प्रबंधक अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि उनकी कंपनी ने करीब एक लाख 90 हजार आधार कार्ड जारी किए हैं। वितरण में क्या गड़बड़ी हो रही? अब तक कितने लोगों के कार्ड बनकर पहुंचे हैं? उन्हें जानकारी नहीं है। उधर, दूसरी कंपनी के प्रबंधक एएल मौर्य के मुताबिक दो माह में करीब 50 हजार आधार कार्ड जारी किए हैं। छह माह के अंदर ये घर-घर पहुंचेंगे।