बारिश बीते पांच दिनों से बिजली आपूर्ति पर भारी पड़ रही है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश से पूरे दिन बिजली आपूर्ति अस्तव्यस्त रही। दोपहर बाद लाइनें दुरुस्त हुईं तो जगतपुर उपकेंद्र पर दस एमवीए का ट्रांसफार्मर ही खराब हो गया। बिजली आपूर्ति नहीं होने से शहरी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी चौपट हो गई।
बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया, लेकिन बिजली आपूर्ति चौपट हो गई। कहीं खंभा गिरा, तो कहीं इंसुलेटर फट गया तो कहीं पर लाइनें टूट गई। हाईटेंशन लाइनें भी ब्रेकडाउन में आने पर विभाग ने प्रभावित इलाकों में शट डाउन करा दिए। इससे पानी की सप्लाई भी ठप रही। उधर, सड़कों पर लबालब जलभराव होने से हैंडपंप से भी पानी नहीं भर पाया। लोग पेयजल के लिए दिन भर बेहाल रहे।
बिजली विभाग दिखा असहाय
बिजली विभाग शुक्रवार को बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने में असफल रहा। आपदा प्रबंधन टीम गठित नहीं होने से पूरा विभाग संविदा और निजी कर्मचारियों पर ही निर्भर दिखा। सड़क और गलियों में ज्यादा जलभराव होने से कर्मचारी मरम्मत कार्य के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए दोपहर से काम शुरू हुआ। जैसी ही लाइनें चालू हुईं कि जगतपुर उपकेंद्र पर लगा भारीभरकम दस एमवीए ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इस पर उपकेंद्र से पोषित इलाकों में बारी-बारी से बिजली सप्लाई कराई गई। करीब 13 घंटे बाद शाम सात बजे से वैकल्पिक आपूर्ति शुरू कराई गई।
जगतपुर उपकेंद्र से पोषित
क्षेत्रों में बनी रहेगी समस्या
चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी मिलने पर मुख्यालय से दस एमवीए का ट्रांसफार्मर मांगा गया है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर मिलने में दो दिन लग सकते हैं।
ये क्षेत्र रहे प्रभावित
सिविल लाइंस, पुराना शहर, शाहदाना, माधोबाड़ी, नई बस्ती, भूड़, प्रेमनगर, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर, साहूकारा, किला, रामपुर बाग, इज्जतनगर, खुशबू इंक्लेव, कैंट और सीबीगंज आदि इलाकों में पूरे दिन अव्यवस्था बनी रही।