रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग ने शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू कर दिया है। अब विद्यार्थी तीसरे और चौथे सेमेस्टर में दो-दो विषय चुन सकेंगे। वहीं, अब चौथे सेमेस्टर में टॉप टेन विद्यार्थियों के बजाय सभी को प्रोजेक्ट वर्क मिलेगा। टॉपिक का आवंटन तीसरे सेमेस्टर में ही कर दिया जाएगा।
एमबीए सामान्य और मार्केटिंग प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में सीबीसीएस लागू तो था पर अनिवार्य विषय होेने के कारण विद्यार्थियों को विषय चुनने का मौका नहीं मिलता था। पहले और दूसरे सेमेस्टर में आठ पेपर व एक वाइवा होता है। सीबीसीएस लागू होने से तीसरे सेमेस्टर में तीन विषय अनिवार्य होंगे। एचआरएम व मार्केटिंग के दो-दो ग्रुप में दिए गए तीन-तीन विषयों में से दो-दो ही चुन सकेंगे। चौथे सेमेस्टर में दो विषय अनिवार्य और चार वैकल्पिक होंगे। सौ नंबर का प्रोजेक्ट वर्क होगा, जिसमें वाइवा भी कराया जाएगा। एमबीए विभाग ने इसी साल पूरा सिलेबस रिवाइज किया है। अब तक दो साल में 28 पेपर होते थे, जिनकी संख्या अब 32 होगी।
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शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए सिलेबस रिवाइज किया है। चौथे सेमेस्टर में इस साल से सभी विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क दिया जाएगा।
-प्रोफेसर बीपी सिंह, विभागाध्यक्ष, एमबीए विभाग