बरेली। मुकद्दस शबे बारात पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। खास इबादत की यह रात रूहानियत से भरपूर रही। शहर भर की दरगाहों और कब्रिस्तानों में भारी रौनक दिखी। कब्रिस्तानों की सजावट देखते ही बनती थी। यहां आने वाला हर शख्स चिरागां कर दुआएं मांगते नजर आए।
शबे बारात को लेकर सुबह से ही मुस्लिम घरों में तैयारियां शुरू हो गई थीं। खास कर हलवा सहित तमाम तरह के पकवान घरों में बनाए गए और दिन भर नियाज नजर का दौर चला। शाम को लोगों का दरगाहों और कब्रिस्तानों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो पूरी रात जारी रहा। जहां सभी छोटी बड़ी दरगाहों पर लोगों ने हार फूल पेश किए और नियाज नजर के साथ दुआएं मांगी, वहीं बिजली और पन्नी की झालरों से सजे कब्रिस्तानों में लोगों ने अपने अजीजों की कब्र पर चिरागां किया। फातेहा पढ़कर उनकी मगफिरत के लिए दुआएं कीं। सिलसिला पूरी रात जारी रहा। इसी तरह शिया हलकों में नियाज नजर का सिलसिला रहा। कर्बला सहित कब्रिस्तानों पर फातेहा और चिरागां किया गया।
रात भर गुलजार रहीं शहर की सड़कें
बरेली। दरगाहों और कब्रिस्तानों पर आने जाने वालों की वजह से शहर की सड़कें और गलियां रात भर गुलजार रहीं। खास तौर से दरगाह आला हजरत, खानकाह नियाजिया, दरगाह हजरत शाह शराफत मियां, खानकाह मोहम्मदिया (दरगार वली मियां), दरगाह हजरत बशीर मियां, हजरत शाहदाना वली दरगाह, खानकाह वामिकिया निशातिया, हजरत दूल्हा मियां की दरगाह आदि पर हाजरी देने वालों का तांता लगा रहा। उधर, कोहाड़ापीर, कल्लू मियां तकिया, हाफिज रहमत खां, भूड़, शाहबाद, सिटी एक मीनार, चौपुला म्युड़, कांकर टोला, चक महमूद, कोट, सेमलखेड़ा शहामतगंज आदि के कब्रिस्तानों में भीड़ रही।
घरों और मस्जिदों में रात भर हुई इबादत
बरेली। शबे बारात की इस मुकद्दस रात में लोगों ने रात भर इबादत की। घरों से लेकर मस्जिदों तक तिलावते कुरान की गूंज रही। लोगों ने नफिल नमाज और वजीफे पढ़े। खास दुआएं पढ़ी गईं और अजीजों की मगफिरत के लिए दुआ की। अपने गुनाहों की तौबा कर अल्ला से माफी मांगी। भोर में तमाम लोगों ने सहरी खा कर अगले दिन रोजे की नियत की। रविवार को इफ्तार का वक्त शाम 6:41 बजे होगा।