कई दिनों तक धूप खिलने के बाद लोगों का अनुमान था कि सर्दी अब परेशान नहीं करेगी, लेकिन सर्दी ने एक बार फिर झटका दे दिया। रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह से बादलों के बीच ठंडी हवाएं चलती रहीं और शाम को बूंदाबांदी के बाद पारा और लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों ने 11 फरवरी को भी बादल छाये रहने और हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके बाद भी अगले तीन दिनों तक सूर्यदेव बादलों की ओट में ढके रहेंगे। तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी बढ़ेगी। 14 और 15 फरवरी को कोहरा भी छाया रह सकता है।
रविवार को न्यूनतम तापमान 8.5 और अधिकतम 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में चटक धूप खिलने के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सर्दी का प्रकोप रहा। दोपहर बाद सूरज बादलों में छिप गए। धूप की तीव्रता कम हुई तो शाम को सर्दी भी बढ़ गई। देर शाम बूंदाबांदी से मौसम और ठंडा हो गया। सोमवार को भी सुबह से ही बादल रहने और 10 बजे के बाद बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि 12 फरवरी को बादल छाये रहने के बाद पांच मिमी तक बारिश हो सकती है। हालांकि हवा नहीं चलेगी। तापमान में गिरावट आएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों पर तापमान ज्यादा कम होगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तीन दिन तक यही स्थिति रह सकती है। कम तीव्रता की धूप निकलेगी। दिन में ज्यादातर समय सूर्य बादलों में छिपे रहेंगे। 10 फरवरी को न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। 13 फरवरी के बाद सुबह-शाम कोहरा देखने को मिलेगा, लेकिन दिन में चटक धूप निकलेगी। 16 और 17 को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव एक बार फिर नजर आएगा। इन दो दिनों में भी बारिश की संभावना बन रही है।