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स्मार्ट सिटी के नाम पर कुष्ठ आश्रम की जमीन पर क्यों हुआ कब्जा!

बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 02:35 AM IST
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बरेली। नगर निगम बोर्ड की स्वीकृति के बिना स्मार्ट सिटी के नाम पर कुष्ठ आश्रम की जमीन पर कब्जा लेने के मामले की जांच एडीएम सिटी करेंगे। राजभवन के आदेश के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने जांच शुरू करा दी है। मेयर उमेश गौतम की शिकायत पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने डीएम से पूरे मामले पर आख्या उपलब्ध करानेे के निर्देश दिए थे।
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नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के निर्देश पर 15 मई की दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम के राजस्व प्रभारी ललतेश सक्सेना, मानचित्रकार और अतिक्रमण दस्ते के साथ डीडीपुरम स्थित कुष्ठ आश्रम पहुंचे थे। निगम की टीम ने कुष्ठ आश्रम के बराबर में खाली पड़ी जमीन की बाउंड्रीवॉल ध्वस्त कर वहां कब्जा लेने की कोशिश शुरू कर दी। विरोध में तमाम कुष्ठ रोगी लाठी-डंडे लेकर वहां आ गए और जमकर हंगामा किया। कुष्ठ रोगी जमीन को कुष्ठ आश्रम और निगम अफसर इसे नगर निगम की जमीन बता रहे थे। निगम टीम ने पुलिस बुलाकर जमीन पर जबरन तार की फेंसिंग करा दी और नगर निगम की संपत्ति होने का बोर्ड लगा दिया। नगर आयुक्त का कहना था कि जिस जमीन पर कब्जा लिया गया है, रिकॉर्ड में वह नगर निगम की संपत्ति है। यहां पर स्मार्ट सिटी के तहत सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बनाना चाहते हैं। मामले के विरोध में उतरे मेयर उमेश गौतम ने राज्यपाल राम नाईक को पत्र भेजकर शिकायत की थी। मेयर ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड ने नगर निगम बोर्ड के अधिकारों का हनन करते हुए, बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही कुष्ठ आश्रम की जमीन पर कब्जा किया है। इधर, प्रशासन को इसकी जांच रिपोर्ट राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव को रिपोर्ट देनी है। डीएम के आदेश के बाद एडीएम प्रशासन ने मामले में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित कर दिया है।
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