Bareilly News: चीनी मिल की जमीन की नीलामी रद्द करने की मांग, गन्ना विकास समिति बोर्ड में प्रस्ताव पारित
बहेड़ी में सहकारी गन्ना विकास समिति बोर्ड ने शुक्रवार को केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी रद्द करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। जिला प्रशासन से किसानों के भुगतान के लिए ऊंची कीमत पर नीलामी की मांग की गई है।
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बरेली के बहेड़ी में सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में शुक्रवार को हुई बोर्ड की बैठक में केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी रद्द कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। जिला प्रशासन से नीलामी रद्द कराकर ऊंची कीमत पर नीलाम करने की मांग की गई है, जिससे किसानों को भुगतान किया जा सके।
सहकारी गन्ना विकास समिति बोर्ड की आपात बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र गंगवार ने की। उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने केसर चीनी मिल प्रबंधन से सवाल किया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए क्या किया जा रहा है? इस पर गन्ना प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बोर्ड को बताया कि उनकी जमीन का तीन वर्ष पहले निबंधन कार्यालय ने जो आकलन किया था, उसके आधार पर 86 करोड़ रुपये कीमत बैठी थी। लेकिन, अब वहां मेगा फूड पार्क विकसित हो चुका है। तीन ओर रोड है, जिनमें नैनीताल रोड हाईवे है। लिहाजा अब जमीन की कीमत बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि उनकी जमीन की नीलामी कम में हुई है। अब जो भी नीलामी से रुपये आएंगे, किसानों को दिए जाएंगे। बकाया के लिए भी शीर्ष प्रबंधन को बता दिया गया है। इसपर गन्ना समिति बोर्ड ने सर्वसम्मति से कहा कि इस नीलामी को प्रशासन रद्द करें यह किसान हित में नहीं है। नीलामी रद्द कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। बोर्ड के इस प्रस्ताव को गन्ना समिति के सचिव राजीव सेठ ने लिखा। यह जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
आंदोलन की तैयारी में भाकियू
भारतीय किसान यूनियन के चौधरी अजीत सिंह ने कहा कि नीलामी को रद्द करने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं। मामले की जानकारी राकेश टिकैत को भी दे दी है। भाकियू जल्द ही आंदोलन करेगा। गन्ना समिति के पूर्व डायरेक्टर चौधरी विनोद सिंह ने इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री को चौथी बार ट्वीट किया है और नीलामी को रद्द कराने की मांग की है। सपा विधायक अताउर रहमान ने कहा है कि क्षेत्र के किसानों के हित में नीलामी को रद्द किया जाना चाहिए। इस खेल में अधिकारियों के साथ सत्ताधारी पार्टी के जो भी लोग शामिल हैं, उनका भी नाम उजागर किया जाए।
तराई किसान संगठन ने नीलामी को बताया खेल
तराई किसान संगठन के सरदार इकबाल सिंह ने इस नीलामी को एक खेल बताया। उन्होंने शासन को ज्ञापन भेजते हुए कहा है कि तहसील परिसर में नीलामी हो रही थी सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के इशारे पर सारा खेला हो रहा था। जिले के अधिकारी उसमें बैठे थे लेकिन सब कुछ जानकार भी अंजान बने रहे। उन्होंने मांग की है निष्पक्ष जांच हो। जो भी अधिकारी इस नीलामी को कराने में शामिल हैं, शासन उसपर कार्रवाई करे।