बरेली। गन्ना विभाग ने वर्तमान पेराई सत्र में अभियान चलाकर प्रदेश भर में 5.05 लाख नए गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को सदस्य बनाया गया है। बरेली मंडल में 88213 नए गन्ना किसान चिह्नित किए गए हैं। चीनी मिलों पर सरकारी रेट में यह किसान भी अपना गन्ना बेच सकेंगे। विशेष अभियान में 41 हजार से ज्यादा फर्जी सट्टाधारक किसान भी पकड़े गए हैं। इनके सट्टों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर चीनी मिलों पर नए गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों के पंजीकरण किए जा रहे हैं। इन किसानों को भी अब चीनी मिल गन्ना बिक्री करने के लिए बाकायदा पर्ची भेजेंगे। अब तक यह किसान मिलों में पंजीकृत नहीं थे। इसलिए इनको अपना गन्ना औने-पौने दामों में बेचना पड़ता था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मेरठ मंडल में 55049, मुरादाबाद में 88123, लखनऊ में 1.43857 और बरेली मंडल में 88213 नए गन्ना किसानों का पंजीकरण किया गया है।
नए सदस्य बनाने के साथ गन्ना विभाग ने प्रदेश भर में 1.19 लाख से ज्यादा फर्जी सट्टे बंद कर दिए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मेरठ मंडल में 11833, मुरादाबाद में 34982, बरेली में 41320 और लखनऊ मंडल में 19970 फर्जी सट्टे विशेष अभियान में चिह्नित किए गए। इन सट्टों को बंद कर दिया गया है। हालांकि सट्टा पर्ची ऑनलाइन रोटेशन के हिसाब से निर्धारित समय पर न निकलने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस बार गन्ने की सट्टा पर्ची प्रिंटिंग के साथ ही किसानों के मोबाइल पर एसएमएस भी भेजे जा रहे हैं। किसान अपनी पर्ची अपने मोबाइल पर ऑनलाइन भी देख सकता है।
- सत्येंद्र सिंह, गन्ना उपायुक्त बरेली मंडल