आंवला। छोटा भूरा उर्फ जहीर का शव गांव में पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन एसडीएम और सीओ ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों के गुस्से को शांत किया। ज्यादातर लोगों का यही कहना था कि भूरा को गलत फंसाया गया।
गैनी के मोहल्ला हलवाई चौक के लईक अहमद ने कहा कि वह भूरा को बचपन से जानते हैं। पिछले कुछ सालों से गांव में ऐसी सियासत शुरू हुई है कि इंसान की पहचान उसकी अच्छाई और बुराई से नहीं, बल्कि जाति और मजहब से हो रही है। जाति और मजहब की राजनीति करने वालों की वजह से लोग एक दूसरे के दुश्मन हो गए हैं। इसी साजिश का भूरा शिकार हुआ। जहीर के भाई बड़ा भूरा का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने भी ढंग से जांच नहीं की। आरोपों की सच्चाई की जांच किए बिना ही उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई। उधर, गांव में देर रात तक एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ राजेश सिंह मौजूद थे।