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UP: डकैती की रकम से नेपाल में की मौज-मस्ती, बकरीद मनाने के लिए घर आते समय यहां पकड़े गए; दो का हुआ था एनकाउंटर

अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 27 May 2026 02:11 PM IST

सार

गाजियाबाद में कैश वैन डकैती कांड में दो आरोपी नेपाल बॉर्डर पर दबोचे गए हैं। दोनों आरोपी 17 मई से नेपाल में छिपे थे। डकैती के पैसों से आरोपी नेपाल में मौज-मस्ती कर रहे थे। बकरीद मनाने के लिए घर लौटते समय सीमा पर दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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Cash Van Robbery - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में हुई एटीएम कैश वैन डकैती के दो इनामी आरोपियों को लखीमपुर खीरी की संपूर्णानगर कोतवाली पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लूट के बाद नेपाल भाग गए थे और वहीं मौज-मस्ती कर रहे थे। सोमवार रात बकरीद मनाने के लिए घर लौटते समय सीमा पर चल रही सघन चेकिंग में दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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पुलिस के अनुसार, छह मई को क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 9 पर वारदात हुई थी। मामले में फरार चल रहे सुहैब और फिरोज पर गाजियाबाद पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों नेपाल चले गए थे।
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थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी नेपाल से वापस भारत आने वाले हैं। इसके बाद खजुरिया चौकी के गोविंदनगर चौराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान नेपाल की ओर से पैदल आ रहे दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। 

 

शक होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान सुहैब निवासी सेक्टर-12 विजयनगर और फिरोज निवासी बंजारा चौक, प्रताप विहार, विजयनगर गाजियाबाद के रूप में हुई। दोनों ने कैश वैन डकैती में शामिल होने की बात स्वीकार की। 

आरोपियों ने बताया कि नेपाल में उन्होंने लूट की रकम से मौज-मस्ती की और बचे हुए पैसों के साथ बकरीद मनाने घर लौट रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो तमंचे, पांच कारतूस, 1.02 लाख रुपये और नेपाल से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।

 

17 मई से नेपाल में छिपे थे आरोपी
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि दोनों आरोपी 17 मई से नेपाल में छिपे हुए थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सुहैब, मुठभेड़ में मारे गए कैश वैन डकैती के मास्टरमाइंड जुबैर का भाई है। वह अपने पिता के साथ विजयनगर में बांस-बल्ली की दुकान पर काम करता था।

सुहैब ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि छह मई को वह अपने भाई जुबैर के साथ वारदात में शामिल था। जुबैर के पास पिस्टल और उसके पास तमंचा था। जुबैर ने पहले हवाई फायरिंग की। राहगीरों और कैश वैन चालक तेजपाल ने जब शोर मचाने की कोशिश की तो सुहैब ने तमंचे से फायर किया। 

 

गोली चालक तेजपाल के बराबर में वैन की खिड़की पर लगी थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि कैश वैन का ताला कुल्हाड़ी से उसी ने तोड़ा था। वहीं, फिरोज ने बताया कि वह सुहैब का रिश्तेदार है। वारदात के दौरान वह और मो. कैफ बोलेरो कार में थे, कार कैफ चला रहा था।

 

नेपाल से खरीदा मोबाइल फोन, फर्जी आईडी पर लिया सिम संपूर्णानगर
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास मिला मोबाइल फोन नेपाल के महेंद्रनगर स्थित एक मोबाइल केयर सेंटर से फर्जी आईडी पर खरीदा गया था। दोनों नेपाल का फर्जी आईडी वाला सिम भी इस्तेमाल कर रहे थे।

ये है मामला
छह मई को बलेनो कार सवार छह बदमाशों ने क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में एटीएम में नकदी डालने पहुंची कैश वैन में डाका डाला और 27 लाख रुपये लेकर भाग गए। इनमें वारदात का मास्टरमाइंड जुबैर, उसका भाई सुहैब, तहेरा भाई मोहम्मद कैफ व उसका भाई समीर, रिजवान और फिरोज शामिल थे। पुलिस ने रिजवान और मोहम्मद कैफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि जुबैर और समीर मुठभेड़ के दौरान 13 मई को ढेर हो गए थे। पुलिस को चकमा देकर नेपाल भागे फिरोज और सुहैब को भी अब गिरफ्तार कर लिया गया है। मास्टरमाइंड जुबैर मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहा वाला था।

 

दोनों आरोपियों के बी-वारंट की तैयारी
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल दोनों आरोपियों को अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दोनों को गाजियाबाद लाने के लिए कोर्ट में बी-वारंट की अर्जी दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

फर्जी मुठभेड़ और अवैध हिरासत का आरोप लगा 16 पुलिस कर्मियों के खिलाफ याचिका
गाजियाबाद में कैश वैन डकैती में नेपाल बार्डर से पकड़े गए आरोपी सुहैब की मां रुखसाना ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। महिला का दावा है कि उसके परिवार के सदस्यों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और बाद में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर दो युवकों 20 वर्षीय विधि छात्र जुबैर व 25 वर्षीय समीर की हत्या कर दी गई। महिला का यह भी आरोप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
 

महिला ने अपने अधिवक्ता खालिद खान के माध्यम से अदालत में दायर याचिका में विभिन्न थानों और विशेष अभियान दल के कुल 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए वेव सिटी थाना पुलिस को 30 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 

आरोप है कि 11 मई को इंस्पेक्टर अनिल राजपूत, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल विशाल राठी, चालक मोहित शर्मा, दरोगा आशीष सिंह, हेड कांस्टेबल तरुण यादव, हेड कांस्टेबल हिमांशु मलिक, चालक फरमान, वेव सिटी थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रशांत मलिक और सिहानी गेट थाना प्रभारी कुलदीप दीक्षित सहित अन्य पुलिसकर्मी महिला के घर पहुंचे थे।

 

महिला का आरोप है कि उस दिन उनके पति और बेटे को थाने ले जाया गया था। बाद में पति को छोड़ दिया गया, लेकिन बेटे सुहैब और उसके दो साथियों जुबैर व फिरोज को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। परिवार के लगातार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक कथित फर्जी मुठभेड़ की कहानी तैयार की। बिना उचित जांच के दो युवकों को अपराधी बताकर उनकी हत्या कर दी गई।
 

महिला ने यह भी कहा है कि इस पूरी कार्रवाई में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उसका दावा है कि उसका बेटा और एक रिश्तेदार 12 मई से लापता हैं और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर अवैध रूप से रखा गया है।
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