गौर। गौर ब्लाक में जेई/एईएस से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को एक और बालक की इस बीमारी से मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव में न तो फागिंग कराई गई और न ही सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया गया।
स्वास्थ्य महकमे से लेकर पंचायतीराज विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। गौर ब्लाक की परासडीह ग्राम पंचायत के नकुल (15) की छह सिंतबर को अचानक तबियत बिगड़ गई। तेज बुखार के साथ सिर में दर्द की शिकायत पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने मस्तिष्क ज्वर बताते हुए नकुल को गोरखपुर मेडिकल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। रविवार को जैसे ही उसका शव से गांव पहुंचा कोहराम मच गया। परिवारवालों का रो रोकर बुरा हाल है। गांव वालों का कहना है कि उनके गांव में अब तक कोई छिड़काव नहीं कराया गया और न ही गांव में सफाई का इंतजाम है। एक सफाईकर्मी की तैनाती गांव में है, मगर वह भी नहीं आता। सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता और गांव में फागिंग कराई गई होती तो नकुल की जान बच सकती थी।