बस्ती। कई लोगों की जान जाने और सड़कें टूटने के बाद बैरियर लगाया गया। प्रशासन के पहल पर ठेकेदार की ओर से पटेल चौराहा के पास बैरियर लगाया गया। टोल टैक्स बचाने के लिए इसी रास्ते से सबसे अधिक भारी वाहनों का डायवर्जन हो रहा था। डायवर्जन होने से जहां टोल प्लाजा के आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही थीं, वहीं एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ रही थी। राजस्व हानि अलग से हो रही थी। गांव वाले इसके लिए आंदोलित तक हो गए थे। ‘अमर उजाला’ इसे प्रमुखता से प्रकाशित करता आ रहा है। वहीं प्लाजा वालों ने बैरियर लग जाने से डायवर्जन में कमी होने और आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई। गांव वालों ने खुशी का इजहार किया।
बड़ेबन स्थित टोल प्लाजा लोगों के लिए सुविधा के बजाए मुसीबत बन चुका था। टोल टैक्स बचाने के लिए छोटी और भारी वाहनों ने रास्ता बदल दिया था। रास्ता बदलने से सर्विस रोड क्षतिग्रस्त होने लगी थी। सबसे अधिक नुकसान दुर्घटना के चलते जनहानि का हो रहा था। उधर, प्लाजा का ठेकेदार आय कम होने का रोना अलग से रो रहे थे। बात जब शासन-प्रशासन और एनएचएआई के परियोजना निदेशक तक पहुंची तो डीएम एस. मथुशालिनी ने बैरियर लगाने का आदेश दिया। लकड़ी का बैरियर लगाया भी गया, मगर उसे वाहन चालकों ने रात्रि में तोड़ दिया। जिस पर अब लोहे का बैरियर भारी वाहनों को रोकने के लिए शनिवार को लगाया गया। टोल प्लाजा के सह प्रबंधक लाल साहब सिंह ने बताया कि बैरियर का संचालन ठेकेदार की ओर से 24 घंटे किया जाएगा। यह बैरियर हरदिया चौराहे की ओर जाने वाले पटेल चौराहा के पास बनाया गया है।