बस्ती। बुधवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान कर्मचारी कार्यालयों में हस्ताक्षर करने के बाद तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जगह-जगह सभा कर केंद्र सरकार पर निशाना साधेंगे। रोडवेज और बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने भी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है। ऐसे में बुधवार से जिला प्रशासन के साथ ही आम आदमी की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
कर्मचारी संगठनों ने बुधवार और गुरुवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। इसके लिए कई दिनों से कर्मचारी संगठनों के लोग कार्यालयों में घूम-घूम कर कर्मचारियों से जन संपर्क भी कर चुके हैं। ऐसे में 20 और 21 फरवरी को कर्मचारी संगठनों के आंदोलन से व्यवस्था चरमराने की पूरी आशंका है। कर्मचारी केंद्र सरकार से सातवें वेतन आयोग के गठन,, महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करने और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने आदि की मांग कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंका गया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामअधार पाल कहते हैं कि आंदोलन की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, कोषागार सहित सभी प्रमुख विभागों के कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा लेंगे। सभी कर्मचारी बुधवार को अपने-अपने कार्यालयों में हस्ताक्षर बनाकर कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार करेंगे। यह सिलसिला 21 फरवरी को भी चलेगा। इस दौरान विरोध सभाएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके बाद भी केंद्र सरकार नहीं मानी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर बैंक और रोडवेज कर्मचारियों ने भी आंदोलन में शामिल होेने का एलान किया है। ऐसे में बसों के चक्केघूम पाएंगे इसमें संदेह है। बैंकों में हड़ताल से बैंक का कारोबार ठप हो जाएंगे। आंदोलन को लेकर अभी तक जिला प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।