एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

प्रसूताओं के इलाज में सुविधाओं का टोटा

Basti Updated Thu, 13 Feb 2014 05:43 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बस्ती। वीरांगना रानी तलाश कुंवरि जिला महिला अस्पताल में प्रसूताआें के इलाज में सुविधाओं की कमी आड़े आ रही है। एक ही कमरे में तीन-तीन लेडी डॉक्टर प्रसूताआें का परीक्षण करती हैं। इससे कमरे में भीड़ बनी रहती है। उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल की पैथोलॉजी में हेपेटाइटिस आदि बीमारियों की जांच की सुविधा भी नदारद है। अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को भटकना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को ओपीडी में बड़ी संख्या में प्रसूताएं पहुंची थीं। दिन के बारह बजे तक 215 प्रसूताओं ने पंजीकरण करा लिया था। एक ही कक्ष में ओपीडी का संचालन हो रहा था। इसी कक्ष में दो महिला प्रसूताआें को देख रही थीं। कक्ष में एक साथ बीस से अधिक प्रसूताआें की भीड़ जमा थी। कमरे के अंदर का नजारा देखकर नहीं लग रहा था कि यहां पर प्रसूताआें का इलाज हो रहा है। ऐसा लग रहा था कि मानों महिलाओं का झुंड बाजार में खड़ा हो। वहीं बाहर गैलरी में सौ से अधिक प्रसूताएं अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। बाद में अस्पताल की सीएमएस भी अपने कक्ष में बैठकर प्रसूताआें को परामर्श देने लगीं। प्रसूताओं की जांच के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर मापने की मशीन भर है। अल्ट्रासाउंड की छोटी मशीन भी नहीं है, जिससे गर्भस्थ शिशु के स्थिति के बारे में डॉक्टर जान सकें।

बेमतलब साबित हो रही अल्ट्रासाउंड मशीन
महिला अस्पताल में करीब 10 सालाें से अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला जड़ा है। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड मशीन बेमतलब साबित हो रही है। प्रसूताआें को इसके लिए ओपेक कैली और जिला अस्पताल की राह दिखाई तो जाती है मगर परिसर में घूम रही महिला बिचौलिए इनको आसपास के सेंटराें पर पहुंचा देती हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल के लिए ही रेफर करती हैं।
विज्ञापन

हेपेटाइटिस जांच की सुविधा नदारद
प्रसूताओं के लीवर आदि में किसी संक्रमण के बारे में पता करने के लिए होने वाली हेपेटाइटिस जांच की सुविधा मौजूद नही है। इसके अलावा एचआईवी जांच की सुविधा भी नदारद है।

सुविधाओं की कमी का लाभ उठाते हैं बिचौलिया : ‘आप’
अस्पताल में प्रसूताआें के इलाज में दुश्वारियों के विरोध में आम आदमी पार्टी ने बुधवार को धरना शुरू कर दिया। वे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती, रात में फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाने आदि मांगे उठा रहे हैं। धरने का नेतृत्व पार्टी के अभिजीत और शोएब अहमद ने किया। कहा कि अस्पताल में सुविधाओं की कमी का लाभ बिचौलिए उठाते हैं। छात्रनेता ओवेश ने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजाें का शोषण किया जाता है। उनसे रुपये की मांग की जाती है। कहा कि रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती आदि मांगें अविलंब पूरी नहीं हुईं तो पार्टी व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। जिला सचिव बालकृष्ण पांडेय और कोषाध्यक्ष आनंद राजपाल ने कहा कि अस्पतालों में लूट-खसोट बंद कर शासन से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाया जाए। डॉक्टर और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करें अन्यथा पार्टी भ्रष्ट व्यवस्था को सुधारने के लिए अपने तरीके से आंदोलन करेगी। धरने में अभिषेक त्रिपाठी, अमित गुप्ता, मानू, मोनू सरदार, सुरेश, विलाल, रवि, दानिश, जगन्नाथ, धीरज, हनुमान, अनुराग वर्मा, मिंटू, बहादुर, मधुवन दास, अयोध्या, संतराम आदि शामिल रहे।

क्या कहती हैं सीएमएस
डॉ. सरोजबाला कहती हैं कि जहां तक अल्ट्रासाउंड की बात है अस्पताल में मशीन तो है मगर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती पिछले कई सालाें से नहीं है। उन्होंने कई बार अपने स्तर से लिखा-पढ़ी की। मगर अभी तक शासन से किसी को भेजा नहीं गया। ऐसे में सभी को हिदायत दी गई है कि वे जिला अस्पताल या ओपेक कैली अल्ट्रासाउंड के लिए पर्ची पर रेफर करें।

अब तीन दिन महिला अस्पताल में होगा अल्ट्रासाउंड
प्रसूताओं की समस्या को देखते हुए बुधवार को एडी हेल्थ डॉ. रामचंद्र ने पूर्व के आदेश के क्रम में जिला अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट डॉ. विनोद कुमार सचान को महिला अस्पताल में सप्ताह के मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को कार्य करने का निर्देश दिया। कहा कि आदेश का अनुपालन तत्काल प्रभाव से किया जाए। इसके लिए प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल को निर्देशित किया कि वे डॉ. सचान को तीन दिन महिला अस्पताल में भेजें।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें