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दोहरे हत्याकांड में पांच को आजीवन कारावास

Basti Updated Thu, 25 Sep 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। एडीजे द्वितीय फूलचंद पटेल ने कोतवाली थाने के मछिया गांव में मई 2009 में हुए दोहरे हत्याकांडमें पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। इसे अदा न करने पर एक साल चार माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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अभियोजन के अनुसार कोतवाली थाने के मछिया गांव निवासी वादी मुकदमा संजय कुमार चौधरी पुत्र स्व. विक्रमा प्रसाद चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता और पट्टीदार रामकिशोर के मध्य काफी दिनों से जमीन का विवाद चल रहा है। दो मई की रात में दस बजे रामकिशोर चौधरी शराब पीकर मेरे पिता को गाली दे रहे थे। उनके मना करने पर रामकिशोर, उनके लड़के दिनेश, रामलखन, रामजीत व उनके भांजे डब्ल्यू पुत्र रामजीत सभी लोग लाठी, तमंचा से लैस होकर उनके पिता को मारने लगे। पिता के शोर मचाने पर मेरी मां चंद्रावती, भाई अनिल और अजय बचाने को दौड़े। हम लोगाें को भी मारने पीटने लगे। जिससे मेरे पिता, मां और भाई अनिल व अजय को गंभीर चोटें आईं।
घटना गांव के नेवासेगीर भृगु नरायन चौधरी के उकसाने और ललकारने पर घटित हुई। पिता, मां और दोनों भाइयों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां विक्रमा प्रसाद की रात में मौत हो गई। अनिल व अजय को गंभीर हालत में मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर कर दिया। जहां 4 मई को अनिल ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। घटना के समय डब्ल्यू उर्फ स्वयंवर चौधरी किशोर था। इसलिए उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दिया गया। आरोप तय होने के बाद अभियोजन की ओर से वादी सहित 15 गवाहों का बयान कराया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह व एडवोकेट कौशल किशोर श्रीवास्तव ने किया।
गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त रामकिशोर, उसके बेटे दिनेश, रामलखन, रामजीत और भृगुनरायन चौधरी निवासी बड़ेबन थाना कोतवाली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की धनराशि में से मृतक विक्रमा की विधवा चंद्रावती को 25 हजार, मृतक अनिल की विधवा गुड़िया को 20 हजार रुपये और चोटहिल अजय को पांच हजार रुपये देने का निर्देश दिया।
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